प्रधानमंत्री 10% आर्थिक वृद्वि के प्रति आश्वस्त
नई दिल्ली 19 दिसम्बर: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सही नीतियों तथा केन्द्र और राज्य सरकारों के ईमानदार प्रयासों से आर्थिक वृद्धि निकट भविष्य में 10 प्रतिशत तक पहुंचने का आज भरोसा जताया. लेकिन अमरीका और दूसरी बडी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी के रुख से देश के निर्यात और पूंजी प्रवाह के लिए खतरे का इशारा किया और सब्सिडी के विवेकपूर्ण इस्तेमाल पर जोर देने के साथ संसाधनों की फिजूलखर्ची रोकने की सलाह दी.
डा.सिंह ने राष्ट्रीय विकास परिषद की 54वीं बैठक को संबोधित करते हुए खाद्य सुरक्षा पर मंडरा रहे संकट के मद्देनजर कृषि उत्पादन में वृद्धि तथा भंडारण सुविधाओं के विस्तार पर जोर देकर कृषि विकास दर 4 प्रतिशत करने का संकल्प व्यक्त किया.
प्रधानमंत्री ने अल्पसंख्यकों के उत्थान पर विशेष जोर देते हुए कहा कि 11 वीं योजना में अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जातियों और जनजातियों की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया है. योजना में इन वगो के कौशल विकास और शिक्षा पर विशेष रुप से केन्द्रित कार्यक्रम बनाए गए हैं. जिन क्षेत्रों में इन वर्गों के लोगों की बहुतायत है वहां आधारभूत ढांचे के विकास के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे.
आर्थिक विकास की विसंगतियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 9 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर के बावजूद देश में गरीबी अपेक्षा के अनुरुप कम नही हो रही है, जो चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का योगदान कम हो रहा है लेकिन कृषि पर आधारित लोगों को अन्य क्षेत्रों में रोजगार नही मिल पा रहा है. उन्होंने गांवों और शहरों के बीच बढ़ती असमानता कम करने की जरुरत बताई. 11वीं योजना 2007-12 के दस्तावेज को मंजूरी देने के लिए हो रही बैठक में वित्त मंत्री पी चिदंबरम, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया और राज्यों के मुख्य मंत्री मौजूद थे.


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