वैदिक गणित पर वाराणसी में कार्यशाला एक जनवरी से
वाराणसी 19 दिसम्बर.वार्ता. जटिल प्रश्नों को चुटकियों में हल करने के सूत्रों से सम्पन्न वैदिक गणित को लोकप्रिय बनाने और इसके प्रयोग का दावा बढाने के उद्देश्य से धार्मिक नगरी वाराणसी में आगामी एक जनवरी से एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी1 वैदिक गणित के विशेषज्ञ स्वामी आनन्द ने आज यहां पत्रकारों से कहा कि भारत में जन्म लेने वाली वैदिक गणित को लोकप्रिय बनाने के लिये वाराणसी में आगामी एक से तीन जनवरी तक एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जिसमें इस प्राचीन गणित विधा के विशेषज्ञ भाग लेंगे
उन्होंने भारत में जन्मी वैदिक गणित की उसके उद्गम देश में ही हो रही उपेक्षा पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दुस्तान की इस विरासत की उसके देश में ही कद्र नहीं हो रही है जबकि विदेशों में इसका खूब उपयोग हो रहा है और वैदिक पद्धति से गणित का अध्ययनकरने विदेशी छात्र अपने क्षेत्र में आगे बढ रहे हैं1 उन्होंने कहा कि विदेशों में वैदिक गणित की लोकप्रियता बढ रही है और कई देशों में बच्चों को वैदिक गणित पद्धति से पढायाजा रहा है1 उन्होंने कहा कि अधिकांश बच्चे गणित की पढायी करने से डरते हैं जबकि वैदिक गणित में उनकी समस्त गणितीय समस्याओं का समाधान है और सारे सवालों का हल सुगमता से किया जा सकता है
स्वामी आनंद ने कहा कि वेदों में गणित के ऐसे सूत्र मौजूद हैं जिनका जबाव देना आधुनिक गणितज्ञों के वश की बात नहीं है मगर दुर्भाग्य की बात यह है कि वेदशास्त्रों का आज तक वैज्ञानिक व गणित की दृष्टि से अध्ययन नहीं किया गया
उन्होंने कहा कि गोवर्धन मठपुरी के शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी भारती कृष्णतीर्थ ने वेदों के अध्ययन तथा अथर्ववेद के गहन अध्ययन के बाद वैदिक गणित की रचना की थी1 स्वामी जी ने 16 सूत्र तथा 13 उपसूत्रों का शोध कर इसे वैदिक गणित का नाम दिया था
श्री आनन्द ने कहा कि वैदिक गणित को भारत में पुनपर््रचारित करने के लिये कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है और वाराणसी में आगामी एक जनवरी से होने वाली कार्यशाला उसी श्रृंखला की कडी है
जिया रिषभ जगबीर1712वार्ता












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