छत्तीसगढ में राहत शिविरों में बच्चों की हालात ठीक नहीं..सिन्हा
रायपुर.19 दिसम्बर.वार्ता.राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग कीअध्यक्ष डा.शान्ता सिन्हा ने छत्तीसगढ के सर्वाधिक नक्सल प्रभावितदंतेवाडा एवं बीजापुर जिले में राहत शिविरों में शरण लेने वालों केबच्चों की स्थिति को शोचनीय करार दिया है1 आयोग के सदस्यों के साथ राहत शिविरों का दौरा कर लौटी डा.सिन्हा ने आज यहां पत्रकारों से कहा कि..राहत शिविरों में बच्चों केलिये माहौल अच्छा नहीं है और वह दहशत के बीच जी रहे है ..1उन्होंने कहा कि..आयोग को उनकी शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं दिखी और बाल्यावस्था में खुशहाल जिन्दगी इनके लिये एक सपने सेशायद कम नहीं होगी..
उन्होंने कहा कि..इन बच्चों के लिये .स्कूल.आंगनबाडी काकोई बन्दोबस्त नहीं है..1अगर कहीं कोई स्कूल है भी तो वहां केवलउसका ढांचा ही दिखा..1स्वास्थ्य की कोई सुविधा उन्हें नहीं मिल रही है1यह हालात सचमुच अच्छे नहीं है1औसत क्षेत्रों के मुकाबले यहां केस्तर में बहुत फासला है..
राज्य के दंतेवाडा एवं बीजापुर जिलों में नक्सलियों के आतंक सेलगभग 60 हजार आदिवासी परिवार वषो से राहत शिविरों में निवास कररहे है1यहां निवासरत परिवारों के बच्चों की शिक्षा की समुचित व्यवस्थानहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई बन्द है1राज्य सरकार हालांकि उनकीशिक्षा की व्यवस्था करने का दावा करती रही है
साहू रिषभ रामलाल152
जारी.वार्ता












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