राष्ट्रीय. योजना.मनमोहन.तीन अंतिम.नयी दिल्ली
प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि आगामी दशक में देश के सामने खाद्य सुरक्षा की समस्या पैदा हो सकती है1 इसलिए कृष िपैदावार में बढोत्तरी तथा खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण पर विशेष ध्यान देना होगा1 उन्होने कम दामों पर खाद्यान्न उपलब्धता पर जोर देते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से केवल गरीबों और जरुरतमंदों को ही खाद्यान्न आपूर्ति होनी चाहिए तथा सबिसडी का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए
देश की राजनीति में विवाद का कारण बने भारत..अमरीका असैन्य परमाणु सहयोग समौते का जिक्र नही करते हुए प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए तेल की बजाय अन्य निरापद ऊर्जा स्रोतों के दोहन की जरुरत बताई1 उन्होंने कहा कि आज विश्व में तेल के दाम आसमान छू रहे हैं जिससे हमारी ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड रहा है1 हमें तेल पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी तथा अर्थव्यवस्था में ऊर्जा खपत को नियंत्रित करना होगा1 उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे बिजली के व्यर्थ चले जाने को रोकें
आर्थिक विकास से जलवायु परिवर्तन होने के खतरे की चर्चा करते हुए डा.सिंह ने कहा कि हमें एक समृद्ध देश बनने का प्रयास करते समय मानवता के व्यापक हितों को ध्यान में रखना होगा1योजनाकारों को ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण सुरक्षा के बीच संतुलन कायम करना होगा
सब्सिडी के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संसाधनों का अपव्यय नही होना चाहिए1 उन्होंने कहा कि यदि हम संसाधनों को अनुत्पादक कामों में खर्च करेंगे तो इसका नतीजा यह होगा कि देश में कम अस्पताल.कम विद्यालय खुल पाएंगे तथा कृष िऔर आधारभूत ढांचे के विकास के लिए धनराशि कम पड जाएगी
शिक्षा और कौशल विकास को 11वीं योजना की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रधानमंत्री ने इस तथ्य का उल्लेख किया कि आम बजट में शिक्षा के लिए प्रावधान 7.68 से बढा कर इस योजना में 19 प्रतिशत कर दिया गया है1योजना में शिक्षा के लिए तिगुनी धनराशि की व्यवस्था की गई है तथा वास्तविक आवंटन पांच गुना बढा दिया गया है जो इस क्षेत्र के महत्व को दर्शाता है
उन्होंने कहा कि शिक्षा की तरह स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी धन आवंटन बढाया गया है1 स्वास्थ्य के लिए 11वीं योजना के अंत तक सकल घरेलू उत्पाद की दो प्रतिशत धनराशि आवंटित की जाएगी तथा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के जरिए निचले स्तर तक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी1उन्होने आशा व्यक्त की कि अगले चार पांच वर्ष में बाल कुपोषण को पूरी तरह खत्म किया जा सकेगा
आधारभूत ढांचे के विकास को सतत आर्थिक विकास की शर्त बताते हुए डा.सिंह ने कहा कि इस काम के लिए धनराशि सकल घरेलू उत्पाद के पांच प्रतिशत से बढा कर 9 प्रतिशत करने का प्रावधान है1 इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए डा.सिंह ने कहा कि योजना में सरकार और निजी क्षेत्र की सहभागिता .पी पी पी. की रुपरेखा प्रस्तुत की गई है ताकि रेल.सडक.बिजली.हवाई अड्डे और बंदरगाहों के विकास में निजी निवेश हो सके1 उन्होंने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे निजी निवेश को सुगम बनाने के लिए विशेष प्रयास करें
रवि सुफल समरेन्द्र अजय मनोरंजन 1459 वार्ता.












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