जंग.ए.आजादी के दीवानों को भूल गई सरकारें
लखनऊ 19 दिसम्बर .वार्ता. जंग.ए.आजादी के दौरान काकोरी काण्ड के शहीदों के बलिदान दिवस के मौके पर आज यहां आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने केन्द्र तथा प्रदेश सरकारों की जनविरोधी नीतियों की आलोचना की
संगोष्ठी के संयोजक एवं राज्य में पूर्व मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के आन्दोलन के 150 साल पूरे होतेहोते आज हम शहीदों के बलिदान को भूल गये और अमरीका एवं बि्रटेन की विदेशी नीतियों के जाल में देश फिर से फंसता जा रहा है
उन्होंने कहा.. जिस तरह से ईस्ट इण्डिया कंपनी ने व्यापार के बहाने देश को गुलाम बनाने का काम किया था उसी तरह अब विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन .डब्ल्यूटीआे. ने पूरी तरह से हमारे देश के कल कारखानों और उद्योगों पर कब्जा कर लिया है और अब डंकल प्रस्ताव एवं नए पेटेन्ट कानून के माध्यम से हमारी खेती पर कब्जा करने के साथदेशी बीज एवं रसायनिक उर्वरकों को नष्ट करने की साजिश हो रही है1. प्रदेश सरकार को आडे हाथों लेते हुए श्री किशोर ने कहा कि जिन लोगों ने आजादी की लडाई भी नहीं देखी उनके नाम पर अरबों पये खर्च कर जनता की गाढी कमाई को बर्बाद किया जा रहा है जबकि आजादी की लडाई में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वालों को भुला दिया गया है
इस मौके पर आल इण्डिया मुस्लिम महिला पर्सनल ला बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर ने कहा कि जंगएआजादी में अपनी कुर्बानी देने वाले लाखों देशभक्तों को भुला दिया गया है और जिन लोगों का आजादी की लडाई में कोई योगदान नहीं वे राज कर रहे हैं1 उन्होंनेकहा कि अब हमें अपने अधिकारों के लिए आजादी की लडाई की तर्ज पर दूसरी एक और लडाई के लिए तैयार रहना होगा
उन्होंने कहा.. पहले अंग्रेजों ने हिन्दुओं और मुसलमानों को आपस में लडा कर राज किया और आज भी जाति और धर्म के नाम पर लोगों के बीच वैमनस्य फैलाकर नेता राज कर रहे हैं1 ऐसे लोगों के मनसूबों पर पानी फेरने के लिए एकजुट रहना होगा1.. उन्होंने कहा कि पारख महासभा और आल इण्डिया मुस्लिम महिला पर्सनल ला बोर्ड आन्दोलन की परेखा तय करने के लिए आगामी 12 फ्रवरी को यहां लक्ष्मण मेला मैदान में एक विशाल सभा आयोजित की जायेगी1 इस संगोष्ठी में किसान एवं मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ् लडाई लडने एक प्रस्ताव पारित किया1 त्यागी रिषभ जगबीर1816वार्ता












Click it and Unblock the Notifications