शेयर बाजारों में गिरावट का दौर जारी
नई दिल्ली 18 दिसंबर: सोमवार का दिन भारतीय शेयर बाजारों के लिए एक बेहद गहरा झटका देने वाला दिन साबित हुआ. हालात यहां तक पहुंच गए कि बन्द होते समय मुंबई स्टाक एक्सचेंज का सूचकांक (सेंसेक्स) 769 अंकों की जबर्दस्त गिरावट के साथ बन्द हुआ.
सेंसेक्स के इतिहास में यह अब तक की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है. यहां तक कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी इस मार से अछूता नहीं रह सका और 270 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ. यह स्थिति आम निवेशकों के लिए बेहद कठिन है और बाज़ार के विशेषज्ञों का मानना है कि आम निवेशकों को इस समय बेहद धैर्य और सावधानी से काम लेने की ज़रूरत है.
इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा की जाने वाली जोरदार बिकवाली है. दरअसल विदेशी संस्थागत निवेशकों का वाणिज्यिक वर्ष दिसंबर महीने के अंत में समाप्त होता है.
अत: कुल परिसंपत्ति मूल्य (एनएवी) बढ़ाने के लिए वे दिसंबर के बाकी दिनों में भी शेयरों को गिराकर जोरदार मुनाफा कमाने की कोशिश करेंगे. इसके विपरीत आम निवेशकों को दिसंबर के बाकी दिनों में शेयर बेचते और खरीदते समय बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है.
आमतौर पर होता यह है कि बाज़ार में तेज गिरावट का दौर देख कर आम निवेशक घबरा जाते हैं और शेयरों को जल्दबाज़ी में बेचने लगते हैं, और ऐसा करने में हानि होने की संभावना अधिक रहती है.


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