चुनाव. हिमाचल निर्दलीय तीन अंतिम शिमला

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वर्ष 1998 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के एक बागी नेताऔर एकमात्र निर्दलीय विधायक रमेश धवाला ने .किंग मेकर. कीभूमिका निभाई क्योंकि भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही समान वोटमिले थे1 हिमाचल विकास कांग्रेस .एचवीसी . के चार विधायकों केसमर्थन के भाजपा के पास 32 विधायक थे जबकि कांग्रेस ने श्री धवालाके समर्थन से सरकार बनाने में सफ्लता हासिल की उसके पास भी 32विधयक थे

श्री धवाला को वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्रित्ववाली कांग्रेस सरकार मेंशामिल किया गया लेकिन बाद में उन्होने कांग्रेस से समर्थन वापस लेकरश्री प्रेमकुमार धूमल के नेतृत्व में भाजपा . एचवीसी सरकार गठितकरवाई 1 उन्हे एक बार मंत्रिमंडल में भी शामिल किया गया वहकैबिनेट मंत्री बने

वर्ष 2003 के चुनावों में 108 निर्दलीयों में से कांग्रेस के पांच औरभाजपा के एक बागी नेता समेत छह निर्दलीयों ने जीत हासिल की

सूत्रों के मुताबिक निर्दलीयों के तौर पर चुनाव लड़ने वाले बागियों सेनिपटने में ज्यादातर पार्टियां .दोगली नीति. अपनाती है और उन्हेंदोबारा पार्टी में शामिल कर लिया जाता है

कांग्रेस ने इस बार पांच बागी नेताओं में से चार को टिकट देकरपार्टी में बनाये रखा जबकि परागपुर से भाजपा के विद्रोही नेता पार्टी केअधिकृत उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं

नवानी. शिव प्रेम .1626वार्ता

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