महर्ष िवाल्मीकि की जीवन यात्रा का साक्षी रहा है भदोही

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भदोही. 17 दिसम्बर .वार्ता. आदिकवि वाल्मीकि के दस्यु जीवन से लेकर उनके महर्ष िबनने तक के सफ्र का साक्षी रहा भदोही क्षेत्र आज अपने कालीन उद्योग की वजह से विश्व पटल पर अलग पहचान बना चुका है

इतिहास गवाह है कि भर साम्राज्य में शामिल होने के कारण यहक्षेत्र ैभर दही ैकहलाया1 अपभ्रंश के कारण ैभर दहीै बाद में भदोही केनाम से विख्यात हुआ

मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में महर्ष िवाल्मीकि ने यहीं परअपना दस्यु जीवन बिताया था और हृदय परिवर्तन के बाद यहां के जिसस्थान पर उन्होंने तपस्या की थी वह वाल्मीकि तपोभूमि के नाम सेविख्यात हुआ1 बताया जाता है कि लक्ष्मण द्वारा सीता को वाल्मीकि आश्रम में छोडे जाने के बाद लव और कुश का जन्म भी यहीं हुआ और जाह्नवी तट पर भूमि में समाने के बाद यह स्थान सीता समाहित स्थल के रुप में प्रसिद्ध हुआ

सं0 शिव वीरेन्द्र1426 जारी वार्ता

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