मौजूदा स्वरूप में उ.प्र. में वैट स्वीकार नहीं करेंगे: संदीप बंसल

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A B U V Mलखनऊ 15 दिसम्बर: अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने आज कहा कि व्यापारी विरोधी प्रावधानों के हटाये बगैर उत्तर प्रदेश में व्यवसायी मूल्यवर्द्धित कर (वैट) प्रणाली को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगें.

व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश सरकार से वैट से संबंधित 25 आपत्तियों को दूर करने की मांग की. उन्होंने कहा कि व्यापारी वैट के मौजूदा स्वरूप को स्वीकार नहीं करेगें क्योंकि उसमे ऐसे कई बिन्दु हैं जो व्यापारियो के हित में नहीं हैं. इस सिलसिले में उन्होंने मुख्यमंत्री मायावती एवं संबंधित विभाग को पत्र लिख कर आपत्तियों से अवगत करा दिया है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 60 साल पुराने कर ढांचे के स्थान पर लागू होने वाले वैट के बारे मे अभी व्यापारियों को जानकारी भी नहीं है. उन्होंने कहा कि आगामी 19 दिसम्बर को व्यापारियों और कर विभाग से संबंधित अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की जायेगी जिसमें वैट के बारे में जानकारी दी जायेगी. बैठक में प्रदेश भर के व्यापारी प्रतिनिधि अपनी शंकाओं के संबंध मे जानकारी हासिल कर सकेंगें.

श्री बंसल ने कहा कि वैट के दायरे से उन सभी वस्तुओं को अलग रखना चाहिए जिन वस्तुओं पर कोई कर नहीं है. साथ ही ट्रांसपोर्ट को वैट से अलग रखा जाये और उसमें कोई ऐसा प्रावधान नहीं होना चाहिए जिससे व्यापारी का उत्पीडन एवं शोषण हो.

उन्होंने कहा कि सरकार अगर वैट लागू करे तो उसे एक जनवरी से नहीं बल्कि एक अप्रैल से लागू करे क्योंकि वित्तीय वर्ष के बीच मे वैट लागू कराने से व्यापारियो को परेशानी होगी.

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