हस्तक्षेप याचिका को उच्च न्यायालय गई रिलायंस कम्युनिकेशन्स

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

Reliance Communications नई दिल्ली 15 दिसम्बर: अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशन्स ने स्पेक्ट्रम का शुरुआती आवंटन करने के दूरसंचार न्यायाधिकरण (टीडीसेट) के हाल के निर्देश को जीएसएम लाबी की ओर से चुनौती दिए जाने की स्थिति में कंपनी का पक्ष सुने जाने तक कार्यवाही स्थगित रखने के आग्रह के साथ दिल्ली उच्च न्यायालय में हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर दी है.

यह जानकारी सूत्रों से मिली है कि जीएसएम के संगठन सेल्युलर आपरेटर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (सीओआई) की सोमवार को उच्च न्यायालय में टीडीसेट के निर्देश को चुनौती दिए जाने की संभावना है.

दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपील न्यायाधिकरण (टीडीसेट) ने 12 दिसम्बर को 4.2 मेगाहटर्ज और 6.2 मेगाहर्ट्ज में स्पेक्ट्रम आवंटित करने का निर्देश दिया लेकिन दूरसंचार विभाग द्वारा नियुक्त की गई उप समिति की रिपोर्ट आने तक मौजूदा कंपनियों को अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटित नहीं करने को कहा. इस तरह उप समिति की रिपोर्ट आने तक 6.2 मेगाहर्ट्ज से ऊपर स्पेक्ट्रम आवंटित नहीं किया जाएगा. यह रिपोर्ट एक सप्ताह में आने की उम्मीद है. टीडीसेट ने (सीओएआई) की स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर दी गई याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख नौ जनवरी तय की है.

टीडीसेट के निर्देश को जीएसएम कंपनियों के लिए एक बडा आघात माना जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि इस निर्देश से रिलायंस काम के अलावा वोडाफोन और आइडिया को फायदा हो सकता है. वोडाफोन को छह सर्किलों और आइडिया को दो सर्किल में शुरुआती स्पेक्ट्रम मिल सकता है.

उधर दूसरी ओर मिली खबरों के अनुसार दूरसंचार नियामक (ट्राई) मोबाइल फोन पर टेलीविजन सेवा के लिए नीलामी के जरिए स्पेक्ट्रम के आवंटन के पक्ष में है और वह अगले सप्ताह इस संबंध में बुधवार को सरकार को अपनी सिफारिश दे देगा.

ट्राई के अध्यक्ष नृपेन मिश्र ने कल यहां एक सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी. श्री मिश्र ने कहा कि हम स्पेक्ट्रम को लाइसेंस से अलग रखने के बारे में बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि टेलीफोन आपरेटर मोबाइल टेलीविजन के लिए बोली में भाग ले सकती हैं.

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.