सिपाहियों को उपलब्ध ही नहीं कराये गये थे हथियार

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जगदलपुर 13 दिसंबर. वार्ता. छत्तीसगढ में बस्तर जिले के जिस थाने पर कल नक्सलियों ने हथियार लूटने की नीयत से धावा बोल कर तीन पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. उसके सिपाहियों को माआेवादी उग्रवादियों से मुकाबले के लिए आग्नेयास्त्र उपलब्ध ही नहींकराये गये थे

पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि नक्सली हमले का शिकार बने विश्रामपुरी थाने में तैनात सिपाहियों को माआेवादियों से मुकाबले के लिए हथियार मुहैया नहीं कराये गये

सूत्रों ने कुछ जवानों के हवाले से बताया कि पहले कुछ हथियार दिये गये थे लेकिन इसे चौकी से थाने का दर्जा दिये जाने के बाद इन्हें वापस ले लिया गया जबकि नक्सलियों के पास एक 47 राइफलों और अन्य उन्नत किस्म की हथियारों का होना आम बात है

बस्तर परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक आर.के. विज ने थाने में हथियार नहीं होने की पुष्टि करते हुए बताया कि बल की कमी के कारण थाने को हथियार नहीं मुहैया कराये गये थे1 उन्होंने बताया कि थाने में एक उपनिरीक्षक ् एक सहायक उपनिरीक्षक समेत नौपुलिसकर्मी तैनात थे1 उन्होंने स्वीकार किया कि नक्सलियों का उद्देश्य हथियार लूटना था

पुलिस सूत्रों ने बताया कि नक्सलियों ने कल शाम थाने पर हमले से पहले आसपास के गांवों की बिजली काट दी थी और उसके बाद थाने में विस्फोट. आगजनी और गोलीबारी की जिससे सहायक उपनिरीक्षक शोभाराम साहू तथा दो प्रधान आरक्षकों शिवराम शर्मा और मुरली तिवारी की मौत हो गयी1 थाने की एक दीवार क्षतिग्रस्त हो गयी और एक मारूति वैन और कई मोटरसाइकिलें जल कर राख हो गयीं1 हथियार ढूंढने के क्रम में ए. के. 47 राइफलों से लैस नक्सलियों ने एक सिपाही बडीनाथ सोरी को भी गोली मार कर घायल कर दिया और उसका वायरलेस सेट लूट ले गये1 नक्सली हथियार के नाम पर थाने में मौजूद एकमात्र आग्नेयास्त्र मृत सहायक उपनिरीक्षक का सर्विसरिवाल्वर भी लूट ले गये

सं शिव जगबीर1416वार्ता

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