राष्ट्रीय. फिल्म वार्ता शैलेन्द्र दो मुंबई..

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ार्ता शैलेन्द्र दो मुंबई.. इस बीच शैलेन्द्र देश की आजादी की लड़ाई से जुड गये 1उन्होंने अपनी कविता के जरिये वह लोगों में जागृति पैदा करने की कोशिश की1 उन दिनों उनकी कविता ..जलता है पंजाब ..काफी सुखियों में आयी थी

एक कवि सम्मेलन के दौरान हिन्दी सिनेमा के शो मैन कहे जानेवाले राजकपूर को शैलेन्द्र के गाने का अंदाज बहुत भाया और उन्हें शैलेन्द्र में भारतीय सिनेमा का एक उभरता हुआ सितारा दिखाई दिया

राजकूपर ने शैलेन्द्र से अपनी फिल्मों के लिए गीत लिखने की इच्छाजाहिर की किंतु शैलेन्द्र को यह बात रास नही आयी और उन्होंने उनकीपेशकश नामंजूर कर दी 1लेकिन बाद मे घर की कुछ जिम्मेंदारियों के कारण उन्होंने राजकपूर से स्वयं संपर्क किया और अपनी कुछ शतो पर राजकपूर के साथ काम करना स्वीकार किया

गीतकार के प में उन्होंने अपना पहला गीत वर्ष 1949 मेंप्रदशित राजकपूर की फिल्म बरसात के लिये ..बरसात में तुमसे मिलेहम सजन ..लिखा था 1 इसे संयोग ही कहा जाये कि फिल्म बरसात सेही बतौर संगीतकार शंकर जयकिशन ने अपने कैरियर की शुरूआत कीथी 1 फिल्म बरसात की कामयबी के बाद गीतकार के रूप में शैलेन्द्र औरसंगीतकार के रूप मे शंकर जयकिशन अपनी पहचान बनाने में सफल होगये 1 इसके बाद शैलेन्द्र . शंकरजयकिशन और राजकपूर की जोड़ी नेकई सुपरहिट फिल्में एक साथ की

राजकपूर के अलावा शैलेन्द्र की जोड़ी निर्माता..निर्देशक विमलराय के साथ भी खूब जमी 1 विमलराय की कई फिल्मों में सदाबहारगीत लिखकर शैलेन्द्र ने उनकी फिल्मों को सफल बनाया है 1इन फिल्मोंमें दो बीघा जमीन 1953 . नौकरी 1955 . परिवार 1956. मधुमति.यहूदी 1958 . परख . उसने कहा था 1960 . और बंदिनी 1963 प्रमुख है

प्रेम नरेश रीता राम114

जारी वार्ता

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