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फ्िल्मोद्योग में 2010 तक 60 लाख लोगो को रोजगार मिलेगा

By Staff
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नयी दिल्ली 07 दिसंबर.वार्ता. भारत के फ्िल्म उद्योग के काफ्ी तेजी से प्रगति करने की उम्मीद है और इसका आकार 2010 तक 40 हजार करोड रूपए हो जाने की संभावना है

उद्योग व्यापार संगठन एसोचैम द्वारा घरेलू फ्िल्मोद्योग के बारे में तैयार किए गए प्रारूप में कहा गया है कि इस उद्योग में आलोच्य अवधि में 50 भाषाओं और बोलियों में सालाना 1200 से अधिक फ्िल्में बनाने क ी प्रक्रिया में 60 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा

एसोचैम के आंकडों के मुताबिक भारतीय फ्िल्म उद्योग का वर्तमान आकार 23 हजार करोड रूपए है और इसमें अप्रत्यक्ष एवं प्रत्यक्ष तौर पर 25 लाख लोगों को रोजगार मिला है और सालाना 800 फ्िल्में बन रही है1भारत का फ्िल्मोद्योग वर्तमान में विश्व का सबसे बडा फ्िल्म उद्योग माना जाता है1एसोचैम के अध्यक्ष वेणुगोपाल एन धूत ने आज इस प्रारूप को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के समक्ष पेश किया

श्री धूत ने कहा कि अपनी बहुभाषायी और बहुसांस्कृतिक रूप के कारण भारत का समाज भारत के मनोरंजन उद्योग में रंग भरता है और इसमें विविधता आती है1 साथ ही घरलू प्रसारण क्षेत्र में भी काफ्ी तेजी आई है1 भारत में फ्िलहाल 200 चैनल प्रसारित हो रहे है और टेलीविजन देखने वालों की तादाद 12 करोड है और 7करोड घरों में केबल टीवी लगा हुआ है

इसमें कहा गया है कि फ्िल्म उद्योग के साथ साथ घरेलू संगीेत उद्योग भी काफ्ी तेजी से प्रगति करेगा और चार प्रतिशत वार्षकि वृद्धि के साथ यह उद्योग 2010 तक 8.7 अरब डालर का हो जाने की संभावना है1 साथ ही वीडियो गेम उद्योग भी काफ्ी तेजी से प्रगति करेगा

पुनीत कैलाश मनोरंजन 1908 वार्ता.

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