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मानव मल से बने दरवाजे लंदन के लीजन आर्ट गैलरी की शोभा

By Staff
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नई दिल्ली. 02 दिसंबर .वार्ता. गैर सरकारी संगठन सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विसेज आर्गेनाइजेशन के शोधकर्मियों के प्रयास से मानव मल से बनाए गए कम से कम 21 दरवाजे लीजन आर्ट गैलरी में पिछले दिनों प्रदर्शनी के लिए रखे गए1सुलभ के शोधकर्ताओं ने मानव मल के शोधन से प्राप्त अपशिष्ट पदार्थ से दरवाजे और खिडकियों के पल्ले तैयार किए हैं1 सुलभ के अध्यक्ष डा.बिंदेश्वरी पाठक ने इसे पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से एक मील का पत्थर करार दिया है1डा. पाठक ने लंदन से फोन पर .यूनीवार्ता. को बताया कि इस अनुसंधान के व्यापक इस्तेमाल से पर्यावरण को सुरक्षित रखने वाले पेड पौधों की बेतहाशा कटाई पर रोक लगाई जा सकती है

उन्होंने बताया कि इन दरवाजों को मैक्सिको के डिजाइनर श्री सेंटियागो सियरा और सुश्री मेरियाना डेविड ने आकार दिया है1 उन्होंने बताया कि शोधकर्ताओं ने सुलभ शौचालयों में एकत्रित मानव मल के अपशिष्ट से दरवाजों के आकार वाले 22 ढांचे तैयार किए1 इनमें से 21 ढांचों को श्री सियरा और सुश्री डेविड ने डिजाइन करके दरवाजों का रूप प्रदान किया

उन्होेंने बताया कि कला प्रेमी और डिजाइनर दरवाजा निर्माण की प्रक्रिया का नजदीक से अनुभव हासिल करने के लिए सुलभ के नई दिल्ली स्थित कार्यालय आने की योजना बना रहे हैं1डा.पाठक ने बताया कि इन दरवाजों को जर्मनी के म्यूनिख आर्ट गैलरी में भी प्रदशित किया जाएगा

सुरेश.बिष्ट सत्या लखमी144

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