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चीन का भारतीय जमीन पर दावा

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नई दिल्ली, 29 नवम्बरः चीन, अरुणाचल प्रदेश में भारत की करीब 90 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन पर अपना दावा कर रहा है जबकि मध्य क्षेत्र में उसने 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन अपनी बतायी है.

विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में चीन के इस दावे को गैर कानूनी करार दिया. उन्होंने स्वीकार किया कि जम्मू कश्मीर में भारत की 38 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन चीन ने हथियायी हुयी है जबकि 5180 वर्ग किलोमीटर भारतीय जमीन को पाकिस्तान ने 1963 में चीन एवं पाकिस्तान के बीच हुये तथाकथित (सीमा समझौते) के तहत चीन के हवाले कर दिया था.

यह पूछने पर कि क्या भारत ने चीनी सेना द्वारा पिछले एक साल में कम से कम 140 बार सरहद का उल्लंघन करने का मामला उठाया है. मुखर्जी ने सफायी दी कि भारत और चीन के बीच साझा तौर पर तय की गयी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एल ए सी) नहीं है. एल ए सी के बारे में दोनों देशों के सोच अलग होने के कारण समय-समय पर जमीन पर ऐसी स्थितियां पैदा हो जाती है जिन्हें एल ए सी के निर्धारण से रोका जा सकता है.

विदेश मंत्री ने कहा कि एल ए सी के उल्लंघनों के मामलों को सरकार विभिन्न स्तरों पर चीन के समक्ष उठाती रही है. इनमें संयुक्त कार्यदल (विशेषज्ञ समूह) सीमा सैन्य बैठकें तथा सामान्य राजनयिक चैनल शामिल हैं.

उन्होंने बताया कि सीमा के सवाल पर 24 और 26 सितंबर को दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की ग्यारहवें दौर की बात हुयी. इसमें रार्ष्टीय सुरक्षा सलाहकार एम.के. नारायणन तथा चीन के विदेश उपमंत्री दाई पिंगकु ने सीमा विवाद के समाधान और बातचीत के फ्रेमवर्क पर सकारात्मक और उपयोगी विचार विमर्श किया.

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