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अर्थ.. बैंक रिण .. मंदी तीन अंतिम नयी दिल्ली..

By Staff
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    ंदी तीन अंतिम नयी दिल्ली.. एसोचैम अध्यक्ष का कहना है कि ऐसा नहीं कि बैंकों ने इस साल कर्ज कम दिया तो उनकी परिसंपत्तियों की स्थिति में सुधार तेज हो गया बल्कि उसपर भी इसका बुरा असर पडा है1 इस साल की आलोच्य अवधि में प्रमुख अनुसूचित बैंकों की गैर..निष्पादित राशि .एनपीए. में जहां 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई वहीं पिछले साल इसमें 25 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई थी

    एनपीए वृद्धि के मामले में आईसीआईसीआई बैंक सबसे ऊपर रहा है1 दूसरी तिमाही में इस बैंक का एनपीए 40 प्रतिशत तक बढ गया जबकि पिछले साल इसी तिमाही में इसमें 10 प्रतिशत तक कमी आई थी1 सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब की एनपीए राशि 18.66 प्रतिशत बढ गई जबकि पिछले साल इस दौरान बैंक ने इसमें आशातीत 50 प्रतिशत तक कमी लाने में सफलता पाई1 बहरहाल. इस साल दूसरी तिमाही में रिण वृद्धि की ऊंची रफ्तार बनाये रखने वाले सरकारी बैंकों में विजय बैंक प्रमुख रहा1 पिछले साल बैंक की रिण वृद्धि 25.7 प्रतिशत रही थी इस साल यह और बढकर 36.6 प्रतिशत हो गई1 एचडीएफसी बैंक की रिण वृद्धि करीब 35 प्रतिशत से और बढकर 45.6 प्रतिशत रही1 गिरावट पाने वालों में आईडीबीआई बैंक की रिण वृद्धि 17 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत. यूटीआई बैंक की 58 से घटकर 53 प्रतिशत रह गई1 महाबीर सुभाष रामलाल171

    वार्ता

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