किसानों को तो राहत मगर रसोई होगी आहत
नई दिल्ली,15अक्टूबरः गेंहू चावल सहित कई अन्य कृष जिंसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी में बढोत्तरी करके सरकार ने किसानों को तो राहत देने की कोशिश की है लेकिन इसके साथ ही आने वाले दिनों में रसोई का बजट बेकाबू हो जाने का इंतजाम भी हो गया है.
सरकार ने आगामी रबी मौसम के लिये गेहूं का समर्थन मूल्य 250 रुपये बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है. पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख गेंहूं उत्पादक राज्यों में 4.5 फीसदी मंडी कर दो प्रतिशत,आढ़तिया कर दो फीसदी, वैट दो प्रतिशत ग्रामीण विकास कर, निजी और सरकारी सभी कंपनियों को देना होता है. पंजाब में एक प्रतिशत बुनियादी ढ़ाचा विकास कर भी देना होता है.
इस प्रकार सरकार को ही अगले मौसम में गेंहू के लिए प्रति क्विंटल कम से कम 1100 रुपये चुकाने होंगे.कहा जा रहा है कि सरकार गेहूं की एमएसपी पर 50 रुपये का बोनस भी देगी. अगर ऐसा होता है तो परिवहन शुल्क मिलाकर सरकार को गेहूं की खरीद लागत 1200 रुपये से कम नहीं पड़ेगी. निजी कंपनियां तो सरकार से अधिक ही भाव देगी.
ऐसे में थोक मंडियों में जो गेहूं इन दिनों 1050-1060 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है. वह अगले मौसम में 1300-1400 से कम नही मिलेगा. इसी अनुपात में आटे और मैदे की कीमतों में भी बढोत्तरी होगी.












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