Rigzin Chorol: ड्यूटी के दौरान पति हुए थे शहीद, पत्नी ने सेना में अफसर बन पूरा किया उनका सपना
लेफ्टिनेंट रिगजिन कोरोल लद्दाख की पहली महिला अफसर हैं। उत्तरी कमान के प्रमुख ने उनसे मुलाकात की।

भारतीय सेना के उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी लद्दाख के दौरे पर हैं। वहां पर उन्होंने एक महिला अफसर से मुलाकात की, जिनके जज्बे की सोशल मीडिया पर खूब सराहना की जा रही। वो लद्दाख की पहली महिला सैन्य अधिकारी हैं। साथ ही उनकी कहानी भी काफी ज्यादा प्रेरित करने वाली है।
हम बात कर रहे हैं लेफ्टिनेंट रिगजिन कोरोल की। उनके पति 3 लद्दाख स्काउट्स में बतौर राइफलमैन तैनात थे। कुछ साल पहले ड्यूटी के दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद चोरोल की जिंदगी एकदम से बदल गई। उनके पास बहुत से विकल्प थे, लेकिन उन्होंने पति के सपने को साकार करने की ठानी।
पिछले साल उन्होंने चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में ट्रेनिंग पूरी की और भारतीय सेना मे बतौर लेफ्टिनेंट शामिल हुईं। वैसे तो लद्दाख की बहुत सी महिलाओं ने कीर्तिमान रचा है, लेकिन वो पहली ऐसी महिला थीं जो सेना में अफसर बनीं। उनकी इस सफलता से वहां की लड़कियां अब प्रेरित हो रहीं और उनमें भी देश सेवा का जज्बा आ रहा।
पति बनना चाहते थे अफसर
चोरोल के मुताबिक उनके पति लद्दाख स्काउट्स में राइफलमैन थे, लेकिन उनका सपना भारतीय सेना में अफसर बनने का था। उनका निधन एक त्रासदी जैसा था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पति के सपने को सच करने की ठान ली। भारतीय सेना के कुछ लोगों ने उनका मार्गदर्शन किया। इस वजह से उनका और उनके पति का सपना पूरा हुआ।

फोटो हुई थी वायरल
लेफ्टिनेंट चोरोल अर्थशास्त्र में स्नातक हैं। पिछले साल जब वो पासिंग आउट परेड में शामिल हुईं तो उनके साथ उनका 15 महीने का बेटा भी था। दोनों की तस्वीर खूब वायरल हुई थी। इस मुलाकात के बाद लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उनको सम्मानित भी किया। द्विवेदी ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से भारतीय सेना ने महिला अधिकारियों को उनके पुरुष समकक्षों के बराबर स्थायी कमीशन (पीसी) प्रदान किया है। इसके अलावा ले. जनरल द्विवेदी ने उत्तरी सीमा के हालात की भी समीक्षा की है।












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