'कृपया हमदर्दी न जताएं....' करंट से खो दिया एक हाथ, फिर कैसे टॉपर बन रातोंरात छाईं अनमता अहमद?
Who is Anamta Ahmed: ये कहानी है एक ऐसी लड़की की, जिसे सभी के लिए मिसाल कहा जाए तो कुछ भी गलत नहीं होगा। आज की कहानी है अनमता की, जिनका दाहिना हाथ नहीं है। इस सबके बावजूद अनमता ने अपनी शारीरिक कमी को सपनों के आड़े नहीं आने दिया। अनमता ने आईसीएसई 10वीं की परीक्षा में 92 परसेंट नंबर हासिल कर टॉप किया है।
घर के बाहर चिपकाया नोट
अनमता कभी भी नहीं चाहती थीं कि उनके ऊपर ये हादसा किसी भी तरीके से हावी हो। ऐसे में घर के बाहर उन्होंने एक नोट चिपका दिया। नोट में लिखा था कि 'कृपया किसी भी तरह की हमदर्दी ना जताएं।' ये नोट अनमता के टॉप करने के बाद से सुर्खियों में बना हुआ है।

हादसे ने बदल दी पूरी जिंदगी
इससे पहले आप अनमता अहमद की सक्सेस के पीछे की वजह और उनकी कामियाबी की कहानी को जानें, ये जानना बेहद जरूरी है कि अनमता के लिए ये सब कभी भी आसान नहीं रहा। क्लास 9 में अनमता के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसने उनकी जिंदगी को बदलकर रख दिया।
करंट लगने के बाद खोया हाथ
दरअसल, अनमता जब कक्षा 9 में पढ़ती थीं तो उनके साथ एक हादसा हो गया और करंट लगने से उन्होंने अपना दाहिना हाथ खो दिया। बस इस दिन ने अनमता की लाइफ पलटकर रख दी।
क्या हुआ था अनमता के साथ?
एक साल पहले की बात है, अनमता ने गलती से 11 केवी का एक तार छू लिया। तार छूते ही उनके पूरे शरीर में करंट दौड़ पड़ा। अनमता इस हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके बाद उनका दाहिना हाथ काटना पड़ा और बताया गया कि बायां हाथ केवल 20 प्रतिशत ही काम कर रहा था।
अनमता इस हादसे के बाद 50 दिनों से भी ज्यादा समय तक बिस्तर पर पड़ी रही और उसे काफी तनाव भी हो गया था। इसके बाद अपनी हालत के बारे में उन्होंने 'टाइम्स ऑफ इंडिया' को इंटरव्यू दिया और बताया कि डॉक्टरों ने मेरे मां-बाप को सुझाव दिया था कि मुझे पढ़ाई से दो साल का ब्रेक ले लेना चाहिए। वे आगे कहती हैं कि मैं ऐसा करने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थीं क्योंकि मैं घर पर नहीं बैठना चाहती थींं।
ऐसे टॉप किया एग्जाम
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वे कुछ सोशल मीडिया क्लिप्स देखने लगीं, जिनमें डॉक्टर्स अलग-अलग सुझाव दे रहे थे। अब उनके सामने एक बहुत बड़ा चैलेंज ये था कि उन्हें अपने उल्टे हाथ से लिखना था, जबकि उन्हें इसकी बिल्कुल भी आदत नहीं थी। इसके बाद स्कूल के टीचर्स ने उनका साथ दिया और फिर इस तरह उन्होंने 10वीं के बोर्ड एग्जाम को टॉप किया।












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