Nurses Day 2022: 12 मई को हर साल क्यों मनाया जाता है नर्स डे, जानिए इतिहास और महत्व
Nurses Day 2022: 12 मई को हर साल क्यों मनाया जाता है नर्स डे, जानिए इतिहास और महत्व
नई दिल्ली, 12 मई: नर्स डे दुनियाभर में नर्सों के योगदान के सम्मान और जश्न मनाने के लिए एक खास दिन है। यह साल दुनियाभर में 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। यह दिवस हर साल 12 मई को फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर मनाया जाता है। इस खास दिन को इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स द्वारा चुना गया था और 1974 से आधिकारिक तौर पर हर साल नर्स डे 12 मई से मनाया जा रहा है। इस दिन को मनाने की प्रेरणा ब्रिटिश नर्स और समाज सुधारक फ्लोरेंस नाइटिंगेल हैं, जिन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के सुधार के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। साल 2022 की नर्स दिवस की थीम हैट- ''"नर्स: ए वॉयस टू लीड- इन्वेस्ट इन नर्सिंग एंड अदर राइट्स टू सिक्योर ग्लोबल हेल्थ"।
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जानिए 12 मई को ही क्यों मनाते हैं नर्स डे?
साल 1953 में अमेरिकी स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण विभाग के डोरोथी सदरलैंड ने तत्कालीन राष्ट्रपति को अक्टूबर में नर्स दिवस घोषित करने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली थी। इसके बाद, ओहियो से कांग्रेस के लिए चुनी गई पहली महिला फ्रांसेस पी. बोल्टन ने भी ''नेशनल नर्श वीक'' के लिए एक बिल प्रायोजित किया। लेकिन केवल 20 साल बाद, फरवरी 1974 में, राष्ट्रपति निक्सन ने हर साल 6 मई से 12 मई तक एक राष्ट्रीय नर्स सप्ताह की घोषणा की। इसके साथ ही 12 मई को नर्स दिवस के रूप में भी मनाया जाने लगा।
जैसा कि ऊपर बताया गया है कि नर्स डे फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती का प्रतीक है, जिन्हें आधुनिक नर्सिंग के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। ग्रेजी समाज सुधारक, सांख्यिकीविद् और मॉडर्न नर्सिंग के संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म भी 12 मई को हुआ था। पहला अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 1965 में मनाया गया था।
फ्लोरेंस नाइटिंगेल का नर्स डे से क्या संबंध है?
फ्लोरेंस नाइटिंगेल, जिन्हें दुनिया भर में "लेडी विद द लैंप" के रूप में याद किया जाता है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने क्रीमिया युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना और उनके सहयोगी बलों के घायल सैनिकों की देखभाल की। फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने न केवल युद्ध के दौरान चिकित्सा शिविरों और अस्पतालों में स्वास्थ्य देखभाल और नर्सिंग के मानकों को निर्धारित भी किया था। वहीं 1860 में सेंट थॉमस अस्पताल में नाइटिंगेल ट्रेनिंग स्कूल भी स्थापित किया, ताकि इच्छुक नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा सके।












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