Fact Check: UPSC का ऑफिशियल अकाउंट होने का दावा कर रहा ये ट्विटर हैंडल फर्जी है
Fact Check: UPSC का ऑफिशियल अकाउंट होने का दावा कर रहा ये ट्विटर हैंडल फर्जी है
नई दिल्ली, 30 सितंबर: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बीते हफ्ते को सिविल सेवा परीक्षा 2020 का फाइनल रिजल्ट जारी किया है। जिसके चलते सोशल मीडिया पर आयोग के ट्विटर हैंडल को भी काफी सर्च किया गया है। इस बीच एक ट्विटर हैंडल @UpscIndia33 के तेजी से फॉलोवर्स बढ़े हैं। दरअसल इस हैंडल के यूपीएससी का ऑफिशियल अकाउंट होने का दावा किया गया है। इसकी पड़ताल करते हुए पीआईबी फैक्ट चैक ने पाया है कि ये दावा एकदम फर्जी है। पीआईबी ने बताया है कि यह अकाउंट फेक है क्योंकि UPSC का कोई आधिकारिक ट्विटर अकाउंट नहीं है।

पीआईबी ने हिदायत दी है कि यूपीएससी से जुड़ी किसी जानकारी के लिए ट्विटर अकाउंट पर भरोसा ना करें। आयोग की आधिकारिक साइट से ही जानकारी लें। बता दें किसिविल सेवा परीक्षा 2020 में 761 उम्मीदवार उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। पुरुष वर्ग में शुभम कुमार और महिला वर्ग में जागृति अवस्थी ने सबसे ज्यादा अंक हासिल किए हैं। उत्तीर्ण उम्मीदवारों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और केंद्रीय सेवाओं, ग्रुप क तथा ग्रुप ख में नियुक्त किया जाएगा।
चीन को लेकर भी सोशल मीडिया पर फर्जी मैसेज
दीपावली में भारत में चीन की सजावटी लाइटें, पटाखों की बिक्री ज्यादा होती है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि चीन भारत में अस्थमा फैलाने और नेत्र रोग विकार उत्पन्न करने के लिए विशेष प्रकार के पटाखे और सजावटी लाइट्स भेज रहा है। यह पोस्ट व्हाट्सऐप पर गृह मंत्रालय के कथित अधिकारी के नाम से वायरल किया जा रहा है। जिसमें लिखा है- चीन ने भारत में अस्थमा फैलाने के लिए पटाखों का विशेष प्रकार तैयार किया है। ये कार्बन मोनोऑक्साइड जैसा विषैला धुआं छोड़ेंगे। भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने वायरल मैसेज का खंडन किया है। पीआईबी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर बताया है कि गृह मंत्रालय द्वारा ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई है।

Fact Check
दावा
यूपीएससी का ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट होने का दावा
नतीजा
दावा फर्जी, यूपीएससी का कोई ट्विटर अकाउंट नहीं












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