Fact Check: क्या अयोध्या आए शालिग्राम पत्थर का रोका गया था रास्ता? फर्जी दावे के साथ वीडियो वायरल
अयोध्या से जुड़ा एक फर्जी वीडियो वायरल हो रहा। लोग बिना सच्चाई जाने उसको वायरल कर रहे हैं।

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दावा किया था कि 1 जनवरी 2024 को राम मंदिर का उद्घाटन हो जाएगा। वहीं मंदिर में जो मूर्तियां रखी जाएंगी, उसके लिए नेपाल के जनकपुर से दो विशाल शालिग्राम पत्थर अयोध्या लाए गए हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो वायरल किया जा रहा, जिसका मकसद धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की है। हालांकि इस वीडियो की सच्चाई बहुत कम लोग जानते हैं।
वायरल वीडियो में दो पक्षों में भिड़ंत को दिखाया गया। जिसमें एक ओर 'जय श्री राम' के नारे लग रहे, जबकि दूसरी ओर कुछ युवा 'अल्लाहु अकबर' बोल रहे। वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि नेपाल के जनकपुर से शालिग्राम की शिला आ रही थी। इस दौरान शांतिप्रिय धर्म के लोगों ने उसको रोका और 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगाए। प्रशासन ने भी युवाओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उनके साथ भी हाथापाई की। बहुत से लोगों ने इस वीडियो को सच मान लिया।

हमने जब इस वीडियो की जांच की और शालिग्राम पत्थर से जुड़ी खबरों को देखा तो पता चला कि पूरे रास्ते में ऐसा विवाद कहीं नहीं हुआ। अब सवाल ये उठ रहा कि जब ये वीडियो अयोध्या से जुड़ा नहीं है, तो कहां का है? कुछ लोगों ने दावा किया कि ये महाराष्ट्र का वीडियो है, लेकिन ये वाला दावा भी गलत निकला।
आंध्रा का है वीडियो
जांच करने पर पता चला कि वीडियो आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले का है। इसे अप्रैल 2022 में फिल्माया गया था। दरअसल वहां पर कुछ युवक डीजे बजाते हुए जा रहे थे। मस्जिद के बाद उन्होंने जय श्री राम के नारे लगाए। जिस पर मुस्लिम युवाओं ने भी नारा लगा दिया। आंध्र प्रदेश पुलिस ने दावा किया था कि घटना में पथराव नहीं हुआ। बस नारेबाजी हुई थी। बाद में रैली बिना किसी घटना के संपन्न हुई।
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Fact Check
दावा
अयोध्या आए शालिग्राम पत्थर का रोका गया था रास्ता
नतीजा
वीडियो आंध्र प्रदेश का है।












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