Fact Check: डाकू वीरप्पन की बेटी का RSS-BJP से क्या है लिंक? सोशल मीडिया के दावों में कितनी सच्चाई?
Fact Check: कुख्यात चंदन तस्कर और डाकू वीरप्पन की बेटी विद्या रानी को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर ने एक्स पोस्ट पर लिखा है कि वीरप्पन की छोटी बेटी विद्या रानी, जो वीरप्पन की मौत के बाद अनाथ हो गई थी, उसको आरएसएस के वनवासी कल्याण आश्रम ने गोद लिया था पढ़ाया-लिखाया था।
सोशल मीडिया यूजर ये भी दावा कर रहे हैं कि विद्या रानी फिलहाल वकील हैं। वह तमिलनाडु बीजेपी के मगस मोर्चा की उपाध्यक्ष हैं। वह अनाथ बच्चों के लिए एक स्कूल भी चलाती हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर ऐसे दावे क्यों किए जा रहे हैं इसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। लेकिन इन दावों में कितनी सच्चाई है, आइए ये जानने की कोशिश करते हैं?

वीरप्पन की बेटी विद्या रानी को लेकर क्या किया जा रहा है दावा?
भाजपा और आरएसएस के साथ क्या है विद्या रानी का लिंक?
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक विद्या रानी साल 2020 फरवरी में भाजपा में शामिल हुई थीं। तमिलनाडु भाजपा ने उसी साल उन्हें कृष्णगिरि जिले के युवा विंग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। उस वक्त विद्या रानी ने पार्टी पद पर अपनी नियुक्ति के बारे में कहा था कि 'भाजपा की युवा शाखा राज्य में सबसे युवा शाखाओं में से एक है। इसके अध्यक्ष विनोज सेल्वम के नेतृत्व में, जो लगातार हमें प्रोत्साहित और मार्गदर्शन कर रहे हैं, मैं युवाओं के लिए सक्रिय रूप से काम करने के लिए उत्सुक हूं।'
भाजपा में शामिल होने के अपने फैसले के बारे में बात करते हुए विद्या रानी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम को देखते हुए उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया था।
हालांकि विद्या रानी वर्तमान में भाजपा की नेता नहीं हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में विद्या रानी भाजपा से नाता तोड़ने के बाद तमिलनाडु के कृष्णागिरी लोकसभा क्षेत्र से नाम तमिलर काची (एनटीके) के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं।
सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावा में कहा गया है कि विद्या रानी एक वकील हैं। ये दावा बिल्कुल सच है। द हिंदू के मुताबिक एक टेलीफोन इंटरव्यू में विद्या ने बताया था कि उनके पास बी.ए.एल.एल.बी. की डिग्री है।
विद्या रानी एक स्कूल चलाती हैं, ये दावा भी सच है। विद्या रानी ने बताया है कि उन्होंने साल 2019 में स्कूल शुरू किया था। डाकू वीरप्पन 2004 में तमिलनाडु पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मुठभेड़ के दौरान मारा गया था उस वक्त विद्या आठवीं कक्षा में थीं। प्री केजी से बोर्डिंग स्कूल में रहने वाली, वह परिवार में आखिरी व्यक्ति थीं जिन्हें वीरप्पन की मौत के बारे में बताया गया था।
इसके बारे में याद करते हुए विद्या रानी कहती हैं, ''मैंने आम लोगों से उनके (पिता) बारे में बहुत सारी सकारात्मक बातें सुनी हैं। मैंने उन्हें नहीं देखा है और मैं उसके जीवन में जाकर यह नहीं देख सकती कि क्या सही है और क्या गलत, उनकी सोच क्या थी। मैं उसके शरीर को भी ठीक से नहीं देख पाई। मैं अपने जीवन का एक दिन भी उनके साथ नहीं बिता पाई, लेकिन कम से कम उसका शरीर एक दिन के लिए घर पर तो रखा ही जा सकता था।''
हालांकि सोशल मीडिया पोस्ट में जो ये दावा किया गया है कि विद्या रानी को बचपन में आरएसएस के वनवासी कल्याण आश्रम ने गोद लिया था, इसको लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। हालांकि टीवी-9 की रिपोर्ट में कहा गया है कि विद्या रानी को आरएसएस और वनवासी कल्याण आश्रम ने गोद ले लिया था और वहीं रहकर उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई पूरी की है।

Fact Check
दावा
दावा: वीरप्पन की बेटी विद्या रानी को RSS ने लिया था गोद, भाजपा तमिलनाडु के मगस मोर्चा की उपाध्यक्ष हैं।
नतीजा
फैक्ट: वीरप्पन की बेटी विद्या रानी को RSS ने गोद लिया था या नहीं, इसकी कोई ठोस जानकारी नहीं है। हालांकि विद्या रानी भाजपा की नेता रह चुकी हैं।












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