Fact Check: कोरोना टीका लगवा चुके लोगों के संपर्क में आने से नहीं ट्रांसफर होंगे वैक्सीन के पार्टिकल
नई दिल्ली, 9 मई। कोरोना महामारी के दौर में लोगों को इस वक्त वायरस से लेकर वैक्सीन तक कई अफवाहों का भी सामना करना पड़ रहा है। कोरोना वायरस को लेकर अफवाह, फिर उसके इलाज संबंधित भ्रांतियां और बाद में कोरोना से बचाव के लिए बनाई जा रही तमाम वैक्सीनों को लेकर अलग-अलग झूठे और बेबुनियाद दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच एक दावा किया गया है कि फाइजर की वैक्सीन लगवा चुके लोगों के शरीर से वैक्सीन के तत्व निकलते हैं, जो बिना वैक्सीन लगवाए लोगों में फैल सकते हैं।

फैक्ट चैक में गलत निकला दावा
दावा किया गया है कि टीका ले चुके लोग वैक्सीन को "शेड" कर सकते हैं। ये सामग्रियों साँस या त्वचा के संपर्क में आने से वैक्सीन न लगवाए लोगों में फैल सकती हैं। इस दावे के लिए फाइजर वैक्सीन की क्लिनिकल ट्रायल प्रोटोकॉल डॉक्यूमेंट का हवाला दिया गया है। हालांकि, फैक्ट चेक करने पर यह बात पूरी तरह से गलत निकली है।
कंपनी के तरफ से भी नहीं किया गया ऐसा कोई दावा
फैक्ट चैक में सामने आया है कि फाइजर ही नहीं कोई भी कोविड-19 वैक्सीन इस तरह से लोगों के बीच फैल नहीं सकती है और ना ही कंपनी ने इस तरह का कोई दावा किया है। इस संबंध में जितने भी पोस्ट वायरल हुए, उन्होंने डॉक्यूमेंट में लिखे तथ्यों को गलत तरीके से समझा और लोगों के बीच भ्रामक संदेश फैलाया।
दरअसल, फाइजर ने अपने क्लिनिकल ट्रायल के दौरान यह पाया था कि प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए यह वैक्सीन सही नहीं है। इसलिए, ट्रायल के दौरान वैक्सीन लेने वालों को प्रेग्नेंट महिलाओं का बचाव करने और उनपर संभावित जोखिम की निगरानी करने की बात कही गई थी। नवंबर में क्लिनिकल ट्रायल के दौरान कही गई इस बात को अलग तरीके से समझा और फैलाया गया।
आपको बता दें कि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने व्यापक नैदानिक परीक्षणों के बाद दिसंबर में फाइजर के वैक्सीन को मंजूरी दी। गर्भवती या स्तनपान करने वाली महिलाओं को उन शुरुआती क्लिनिकल स्टडी में शामिल होने से बाहर रखा गया था, और अन्य को गर्भावस्था से बचने के निर्देश दिए गए थे।

Fact Check
दावा
Claim False
नतीजा
fake News












Click it and Unblock the Notifications