Fact Check: महाकुंभ में आए IITian बाबा नहीं हैं पाक ISI जासूस, जांच में झूठा निकला दावा
Fact Check: प्रयागराज में भव्य महाकुंभ के अवसर पर देश ही नहीं दुनिया भर के करोड़ों श्रृद्धालु पहुंचे हैं। 13 जनवरी को शुरू हुए आस्था के महापर्व महाकुंभ में त्रिवेणी संगम के तट पर बड़ी संख्या में साधु-संत पहुंचे हैं। महाकुंभ में आने वाले भक्तों के लिए ये साधु-संत आकर्षण का केंद्र है।
विश्व के सबसे बड़े धार्मिक समागम महाकुंभ में आए कई बाबा अपने अनोखे हठ योग, साधना समेत अन्य वजहों से खूब चर्चा में हैं। महाकुंभ में आए साधु-संतों में आईआईटीएन वैरागी बाबा भी शामिल हैं। इन्होंने आईआईटी बॉम्बे एरोस्पेस इंजीनियर की पढ़ाई की है और बाद में वैराग्य धारण कर बाबा बन गए।
आईआईटीएन वैरागी बाबा का इंटरव्यू वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने दावा किया कि आईआईटीएन बाबा कोई और नहीं ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व सिस्टम इंजीनियर निशांत अग्रवाल हैं लेकिन ये दावा बिलकुल झूठा है?

बता दें @ARoyUniverse नाम के यूजर ने सोशल मीडिया पर महाकुंभ में आए आईआईटीएन बाबा के इंटरव्यू का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि "ये आईआईटीएन रोपड़ के एक्स स्टूडेंट निशांत अग्रवाल हैं और जो बाद में ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड में इंजीनियर बन गए। लेकिन बाद ये ही पाकिस्तान के आईएसआई जासूस बन गए। ये वो ही हैं जिन्हें कोर्ट द्वारा अजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।"
IITian बाबा नहीं हैं पाक ISI जासूस
इंडिया टुटे के फैक्स चेक के अनुसार सोशल मीडिया पर किए गए इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है। महाकुंभ में आए आईआईआटियन और आईएसआई जासूस दोनों अलग-अलग शख्स हैं। आईएसआई के जासूस के तौर पर पड़के गए निशांत अग्रवाल को जून 2024 में ही अजीवन कारावास की सजा दी गई थी। आईआईटियन बाबा तथाकथित निशांत अग्रवाल नहीं हैं।
कौन हैं ये आईआईटीएन बाबा?
महाकुंभ में पहुंचे आईआईटीएन बाबा का असली नाम अभय सिंह है। उन्होंने सीएनएन न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में अपना असली नाम अभय सिंह बताया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने बॉम्बे आईआईटी से एयरोडानामिक्स इंजीनियर हैं। इनका अभय सिंह के नाम से सोशल मीडिया पर अकाउंट भी है। फेसबुक प्रोफाइल के अनुसार इंजीनियर से बाबा बने अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे के इंडस्ट्रियल डिजाइन सेंटर से विजुअल कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। फैक्स चेक में खुलासा हुआ कि इन्होंने 2013-15 बैच में आईडीसी से विजुअल कम्युनिकेश की पढ़ाई की है दीक्षांत समारोह की तस्वीरें भी फेसबुक पर मौजूद है। ये हरियाणा के झज्जर के रहने वाले हैं।
निशांत अग्रवाल कौन है?
बता दें निशांत अग्रवाल नाम के शख्स जो कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी, आईएसआई के लिए जासूसी करता था उसे नागपुर की एक अदालत ने अजीवन करावास की सजा सुनाई। निशांत अग्रवाल जब ब्रह्मोस एयरोस्पेस में सीनियर सिस्टम इंजीनियर था और भारत की भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल पर काम कर रहा था। इसे पहली बार 2018 में गिरफ्तार किया गया था, को जून 2024 में आजीवन कारावास और 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।

Fact Check
दावा
महाकुंभ में आए IITian बाबा ही क्या पाक ISI जासूस हैं?
नतीजा
This claim is absolutely false












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