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Fact Check: केंद्रीय कर्मचारियों के सैलरी में 30 प्रतिशत की कटौती वाली खबर निकली फर्जी

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नई दिल्‍ली। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) ने कहा कि कोविड-19 संकट के चलते देश में बेरोजगारी की दर तीन मई को सप्ताह के दौरान बढ़कर 27.11 फीसदी हो गई। मार्च मध्य में इस महामारी के तेजी पकड़ने के समय यह दर सात फीसदी से कम थी। साफ शब्‍दों में कहें तो कोरोना संकट के चलते बेरोजगारी बढ़ रही है। कई कंपनियों ने कर्मचारियों की सैलरी भी काट रही है। इस बीच एक न्‍यूज चैनल द्वारा दावा किया जा रहा है कि सरकार केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती करने की योजना बना रही है।

Fact Check: केंद्रीय कर्मचारियों के सैलरी में 30 प्रतिशत की कटौती वाली खबर निकली फर्जी

रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 30 प्रतिशत के कटौती का प्रस्‍ताव है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ग्रेड-डी और संविदा कर्मचारियों को इस वेतन कटौती से छूट दी जाएगी। अब वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की किसी भी श्रेणी के मौजूदा वेतन में किसी भी कटौती के लिए सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है। इस रिपोर्ट में मीडिया के कुछ वर्गों का कोई आधार नहीं है और यह गलत है।

नाक में ट्यूब लगी बच्‍चे की वायरल हो रही फोटो भी निकली फर्जी

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक फोटो वायरल हो रही है जिसमें 8 साल का बच्‍चा अस्‍पताल में भर्ती है और उसकी नाक में ट्यूब डली हुई है। वायरल तस्‍वीर को लेकर दावा किया जा रहा है कि वो मासूम बच्‍चा कोरोना वायरस से संक्रमित है। वायरल फोटो को लेकर यह मैसेज फैलाया जा रहा है 'बस एक मिनट का समय दें और इसे चार ग्रुप में शेयर करें। ऐसा कर हम प्रार्थना की एक श्रृंखला बना सकते हैं और बच्‍चे की सलमाती के लिए दुआ मांग सकते हैं। मैसेज के आखिरी में लिखा है कि 8 YEARs OLD BOY NEED CHAIN PRAYER He have (sic) Coronavirus।

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इस पोस्‍ट पर 80,000 कमेंट्स हैं और 215K बार साझा किया गया है। उसे Prayer Request Chaple नामक फेसबुक पेज पर शेयर किया गया है। जब इस शेयर हो रहे मैसेज कह सत्‍यता जांच की गई तो परिणाम कुछ और ही आया। रिवर्स इमेज सर्च से पता चला कि यह बहुत पुरानी पोस्ट है। यह 28 फरवरी 2019 को एंडी वर्ल्ड नामक एक पेज द्वारा पोस्ट किया गया था। इससे पता चलता है कि तस्वीर में लड़का कोरोनोवायरस से संक्रमित नहीं है। इसके अलावा वायरस फरवरी 2019 में मौजूद नहीं था। साफ शब्‍दों में कहें तो कोरोना वायरस को लेकर शेयर की जा रही ये फोटो गलत है।

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English summary
A claim was made by a news channel that the government was planning on cutting salaries of Central Government employees by 30 per cent.
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