Fact Check: क्या त्रिपुरा में HIV से हुई 47 छात्रों की मौत, जानिए दावे का सच?
Fact Check: एचआईवी आंकड़ों पर त्रिपुरा राज्य से एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसके बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। जी हां...जो रिपोर्ट सामने आई है उसमें ऐसा दावा किया गया है कि प्रदेश के करीब 828 छात्र एचआईवी से संक्रमित है। इतना ही नहीं, 47 छात्रों की संक्रमण से मौत हो गई है। जबकि, 572 छात्र अभी भी एचआईवी से ग्रसित हैं।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद त्रिपुरा सहित पूरे देश में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। जिसके बाद अब त्रिपुरा सरकार की ओर से इस मामले पर स्पष्टीकरण सामने आया है। त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने जानकारी देते हुए बताया कि त्रिपुरा में अप्रैल 2007 से मई 2024 तक एचआईवी से 47 छात्रों की मौत हुई है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने बताया कि एक रिपोर्ट प्रसारित हो रही है कि त्रिपुरा में 828 छात्र एचआईवी पॉजिटिव के रूप में पंजीकृत हैं और उनमें से 47 की मृत्यु हो गई है। हालांकि, 828 और 47 का कुल आंकड़ा अप्रैल 2007 से मई 2024 तक का है।
इसका तात्पर्य यह है कि पिछले कई वर्षों में ART केंद्रों में पंजीकृत 828 छात्रों को NACO के दिशा-निर्देशों के अनुसार मुफ़्त एंटी रेट्रोवायरल उपचार मिल रहा है। हालांकि, 2007 से मई, 2024 तक उनमें से 47 की मृत्यु हो गई।
ऐसा किया जा रहा था दावा?
दरअसल, एचआईवी के इन आंकड़ों को लेकर TSSES के आधिकारियों द्वारा ऐसा दावा किया गया था कि हमने अब तक 828 छात्रों को एचआईवी पॉजिटिव में रजिस्टर किया है। उनमें से 572 छात्र अभी भी इस बीमारी से ग्रसित हैं और इस खतरनाक संक्रमण के कारण 47 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
220 स्कूलों और 24 कॉलेजों से हुई है छात्रों की पहचान
त्रिपुरा एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने 220 स्कूलों और 24 उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र इंजेक्शन वाली दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा, टीएसएसीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि हर दिन लगभग पांच से सात नए एचआईवी मामले सामने आते हैं।
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त्रिपुरा में बढ़ रहे HIV के केस
त्रिपुरा में एचआईवी के मामलों में वृद्धि पर बात करते हुए टीएसएसीएस के संयुक्त निदेशक ने कहा, "अब तक 220 स्कूलों और 24 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की पहचान की गई है, जहां छात्र नशीले पदार्थों और ड्रग्स के आदी पाए गए हैं। हमने राज्य भर में कुल 164 स्वास्थ्य सुविधाओं से डेटा एकत्र किया है।"

Fact Check
दावा
दावा किया जा रहा है कि एचआईवी से त्रिपुरा में 47 छात्रों की मौत हुई है।
नतीजा
इस रिपोर्ट पर त्रिपुरा सरकार ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि त्रिपुरा में अप्रैल 2007 से मई 2024 तक एचआईवी से 47 छात्रों की मौत हुई है।












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