जिसे आसमां से टूटा बादल समझा, वो निकला कुछ और! कटका गांव के वायरल वीडियो का सच
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कटका गांव में "बादल का एक टुकड़ा" जमीन पर गिर गया।
वायरल वीडियो में दिखता है कि रुई जैसी एक सफेद आकृति धीरे-धीरे आसमान से गिरती है और लोग उसे छूने के लिए दौड़ पड़ते हैं। कुछ गांववालों ने तो यहां तक कह दिया कि उन्होंने बादल को छू लिया। लेकिन OneIndia की फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की तह तक जाकर सच्चाई पता की, और जो सामने आया, उसने पूरी कहानी की दिशा ही बदल दी।

दावा क्या है?
वायरल वीडियो में एक सफेद, फूली हुई आकृति खेत में गिरी दिखाई देती है। सोशल मीडिया पर लोग वीडियो के साथ लिख रहे हैं कि हमारे गांव में बादल का टूकड़ा टूटकर गिरा है। कुछ लोगों ने तो लोगों को इसे छूने से मना भी किया, यह कहते हुए कि यह 'दैवीय' चीज भी हो सकती है।
सच क्या है?
वायरल वीडियो की पड़ताल शुरू करने पर OneIndia की फैक्ट चेक टीम को गांव कटका के अलावा राजस्थान के गंगानगर के बनवाली से ऐसा ही वीडियो वारयल मिला। उसमें भी दावा किया जा रहा है कि 24 जून मंगलवार को आसमान से बादल टूटकर जमीन पर गिर गया।
गंगानगर से भी ऐसा वायरल होने पर पर हमने राजस्थान के जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा से बात की और वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने वीडियो देखने के बाद कहा कि ऐसा संभव ही नहीं कि आसमां से बादल का कोई टुकड़ा टूटकर नीचे जाए। हालांकि वायरल वीडियो वाली जैसी स्थिति संभव है। इसे लो क्लाउड फोग बोलते हैं, जो सर्दी में आने वाले कोहरा जैसा ही होता है।
शर्मा के अनुसार जब तापमान कम होता है। वातावरण में नमी की मात्रा ज्यादा होती है और वायुमंडल का निचला स्तर स्थिर रहता है तो कोहरा बनने की प्रक्रिया शुरू होती है। कभी-कभार यह कोहरा इस वायरल वीडियो जैसा रूप ले लेता है।
मौसम विभाग वैज्ञानिक के अलावा कई लोगों ने यह संभावना जताई की यह बादल नहीं, बल्कि नदी का फेन (झाग) हो सकता है। या फिर यह AI टूल से बनाया वीडियो है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से बात करने पर उन्होंने साफ किया कि नदी में गंदे पानी की आवक की वजह से झाग बन जाता है, जो तेज हवा में उड़कर खेतों तक में आ जाता है। चूंकि वायरल वीडियो में झाग सफेद और फूला हुआ था, इसलिए यह दूर से देखने पर रुई या बादल जैसी आकृति में दिखाई दे रहा था।
क्या बादल ज़मीन पर गिर सकते हैं?
बिलकुल नहीं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो बादल जलवाष्प से बने होते हैं, जो वातावरण में तैरते हैं और हवा के दबाव, तापमान और आर्द्रता के हिसाब से ऊंचाई बनाए रखते हैं। अगर वातावरण ठंडा हो जाए तो यही बादल बारिश या ओलों के रूप में जमीन पर आते हैं, लेकिन "बादल का टुकड़ा" जमीन पर गिरना असंभव है।
सोशल मीडिया पर कैसे फैली अफवाह?
वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया गया। कई यूज़र्स ने इसे बिना जांचे-परखे शेयर कर दिया। कुछ कमेंट्स में लोगों ने इसके पीछे धार्मिक और अलौकिक कहानियां जोड़ दीं, जिससे भ्रम और बढ़ गया।
OneIndia की सलाह
सोशल मीडिया पर किसी वीडियो या दावे को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि ज़रूर करें। गूगल रिवर्स इमेज, यूट्यूब फ्रेम एनालिसिस और साइट्स आदि का सहारा लें। ग्रामीण और अशिक्षित इलाकों में इस तरह की फेक खबरें जल्दी फैलती हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन को भी जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।

Fact Check
दावा
आसमान से बादल टूटकर जमीन पर गिर रहे हैं।
नतीजा
दावा फर्जी निकला है।












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