AR Rahman को इस्लामी विचारधाराओं के कारण पुरस्कार मिलते हैं? एन बालकृष्ण ने वास्तव में क्या कहा था? जानें सच

AR Rahman Islamic Beliefs Awards Fact Check : सोशल मीडिया पर एक वायरल दावा तेजी से फैल रहा है कि तेलुगु अभिनेता और राजनेता नंदमुरी बालकृष्ण (एन बालकृष्ण) ने ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान पर सांप्रदायिक टिप्पणी की है। दावे के मुताबिक, बालकृष्ण ने कहा कि एआर रहमान को पुरस्कार उनकी 'इस्लामी विचारधारा' के कारण मिलते हैं।

यह दावा हाल ही में एआर रहमान के एक इंटरव्यू के बाद फिर से सुर्खियों में आया है, जिसमें उन्होंने बॉलीवुड में सांप्रदायिक पूर्वाग्रह का जिक्र किया था। लेकिन क्या एन बालकृष्ण ने वाकई ऐसा कहा? आइए इस दावे की पूरी पड़ताल करते हैं और जानते हैं कि उन्होंने वास्तव में क्या कहा था....

AR Rahman Islamic Beliefs Awards

AR Rahman Viral Claims : वायरल दावा क्या है?

फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप पर कई पोस्ट में एन बालकृष्ण और एआर रहमान की तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। पोस्ट में लिखा है कि बालकृष्ण ने कहा, 'मुझे परवाह नहीं कि एआर रहमान कौन है, वह तो बस नकलची है। उसने 10 सालों में सिर्फ एक हिट फिल्म दी है, और वह भी अपनी इस्लामी विचारधारा की वजह से पुरस्कार जीतता है।' कुछ पोस्ट में यह भी जोड़ा गया है कि एआर रहमान ने हाल ही में कहा कि सरकार बदलने के बाद उन्हें भारत में काम नहीं मिल रहा, लेकिन उनका झूठ पकड़ा गया। यह दावा 2021 की पुरानी खबर को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है।

Actor N. Balakrishnan What Exactly Say: एन बालकृष्ण ने वास्तव में क्या कहा था?

यह दावा 21 जुलाई 2021 का है। उस समय एन बालकृष्ण ने टीवी9 एंटरटेनमेंट को दिए इंटरव्यू में संगीतकार इलैयाराजा की तारीफ करते हुए एआर रहमान का जिक्र किया था। इंटरव्यू में उन्होंने कहा:- 'कई फिल्मों में संगीत निर्देशक की एक ही शैली होती है। जैसे रहमान- यह रहमान कौन है? मुझे नहीं पता। मुझे परवाह भी नहीं है। वह दस साल में एक हिट फिल्म देता है, और उसे ऑस्कर पुरस्कार मिल जाता है।'

बालकृष्ण ने यह भी कहा कि उन्हें एआर रहमान के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और वे उन्हें नहीं जानते। उन्होंने एआर रहमान के संगीत को 'नकल' कहा, लेकिन किसी भी धर्म या इस्लामी विचारधारा का जिक्र नहीं किया। पूरा इंटरव्यू इलैयाराजा, मणि शर्मा, देवी श्री प्रसाद और थमन जैसे अन्य संगीतकारों की शैली पर केंद्रित था।

दावे में क्या गड़बड़ है?

वायरल पोस्ट में ' इस्लामी विचारधारा' वाला हिस्सा पूरी तरह से जोड़ा गया है। मूल इंटरव्यू में बालकृष्ण ने एआर रहमान को 'नकलची' कहा, लेकिन पुरस्कारों को उनके धर्म से नहीं जोड़ा। यह दावा 2021 का है, जबकि एआर रहमान का हालिया इंटरव्यू 14 जनवरी 2026 का है। दोनों घटनाओं को जोड़कर भ्रामक तरीके से पेश किया जा रहा है।

Fact Check में क्या पाया?

दावा भ्रामक है। एन बालकृष्ण ने यह जरूर कहा था कि वे एआर रहमान को नहीं जानते और उनके संगीत को नकल बताया, लेकिन उन्होंने कभी पुरस्कारों को इस्लामी विचारधारा से नहीं जोड़ा। यह दावा पुरानी खबर को तोड़-मरोड़कर फैलाया जा रहा है।

सत्यापित स्रोत:

यह फैक्ट चेक एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल दावों को बिना जांचे शेयर करने से पहले उनकी सत्यता जरूर परखनी चाहिए।

Fact Check

दावा

बालकृष्ण ने कहा कि एआर रहमान को पुरस्कार उनकी 'इस्लामी विचारधारा' के कारण मिलते हैं।

नतीजा

दावे फर्जी हैं। बयान को बदला गया।

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Misleading
फैक्ट चेक करने के लिए हमें [email protected] पर मेल करें
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