Yajnopavit (Upanayan) Muhurta 2024 List: यज्ञोपवीत (उपनयन) मुहूर्त 2024
Yajnopavit (Upanayan) Muhurta 2024 List: हिंदू धर्म में यज्ञोपवीत अर्थात् उपनयन सोलह संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है विशेषकर ब्राह्मणों के लिए यह संस्कार अत्यंत आवश्यक होता है। पूर्वकाल में यह संस्कार तब किया जाता था तब बालक को विद्या अध्ययन के लिए गुरुकुल में भेजा जाता था। यज्ञोपवीत होने के बाद ही बालक विद्या प्राप्त करने का पात्र होता था।

इसलिए यह संस्कार अत्यंत श्रेष्ठ मुहूर्त में ही किया जाता है। यज्ञोपवीत में बृहस्पति का बल देखना आवश्यक होता है। वर्ष 2024 में बृहस्पति मेष राशि में गोचर करेगा। मेष राशि में गुरु अपने मित्र की राशि में भ्रमण करने पर सभी राशियों के बटुकों को गुरुबल प्राय: शुभप्रद रहेगा।
पुरुष बालकों का होता है यज्ञोपवीत संस्कार
यज्ञोपवीत संस्कार केवल पुरुष बालकों का ही किया जाता है, कन्याओं का नहीं। मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार बटुक का उपनयन ऐसे लग्न में करना चाहिए जिसके छठे और आठवें स्थान में शुक्र, बृहस्पति एवं चंद्रमा स्थित होकर लग्न के स्वामी न हों, बारहवें स्थान में चंद्रमा और शुक्र न हों तथा लग्न से आठवें एवं पांचवें स्थान में पापग्रह सूर्य, मंगल, शनि, राहु, केतु न हो। इस प्रकार की ग्रहस्थिति बालक की उन्नति में बाधक होती है।
मुहूर्त
- 31 जनवरी बुधवार- माघ कृष्ण 5- हस्त नक्षत्र
- 11 फरवरी रविवार- माघ शुक्ल 2- शतभिषा
- 14 फरवरी बुधवार- माघ शुक्ल 5- रेवती
- 15 फरवरी गुरुवार- माघ शुक्ल 6- अश्विनी
- 19 फरवरी सोमवार- माघ शुक्ल 10- मृगशिरा- आर्द्रा
- 11 मार्च सोमवार- फाल्गुन शुक्ल 1- उत्तरा भाद्रपद
- 27 मार्च बुधवार- चैत्र कृष्ण 2- चित्रा
- 12 अप्रैल शुक्रवार- चैत्र शुक्ल 4- रोहिणी
- 18 अप्रैल गुरुवार- चैत्र शुक्ल 10- अश्लेषा
- 26 अप्रैल शुक्रवार- वैशाख कृष्ण 2- अनुराधा
- 28 अप्रैल रविवार- वैशाख कृष्ण 4- मूल
- 29 अप्रैल सोमवार- वैशाख कृष्ण 5- पूर्वाषाढ़ा
1 मई 2024 से गुरु का वृषभ राशि में गोचर प्रारंभ होगा। गुरु का शत्रु राशि में भ्रमण करने के फलस्वरूप मिथुन, तुला व कुंभ राशि के बटुकों के गुरु नेष्ट, वृषभ, सिंह, धनु व मीन राशि के लिए गुरु पूज्य तथा शेष राशि के लिए गुरु श्रेष्ठ रहेगा।












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