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Palmistry: संतान से जुड़े सबसे बड़े प्रश्न का यहां मिलेगा उत्तर

By Pt. Gajendra Sharma
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नई दिल्ली, 26 नवंबर। ज्योतिषियों, हस्तरेखा विशेषज्ञों से सबसे अधिक पूछे जाने वाले प्रश्नों में एक प्रश्न संतान से जुड़ा भी होता है। अधिकांश लोग पूछते हैं किउनकी कितनी संतानें रहेंगी, कितनी बेटियां और कितने बेटे रहेंगे। ये प्रश्न प्राय: सभी विवाहित और अविवाहित स्त्री-पुरुष कभी न कभी अवश्य पूछते हैं। इसका सटीक उत्तर उस जिज्ञासु जातक की हस्तरेखा देखकर दिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए हस्तरेखा विशेषज्ञ का कुशल और सूक्ष्म अध्ययन करने वाला होना आवश्यक है। तो आइए जानते हैं हस्तरेखा विज्ञान क्या कहता है संतान योग के बारे में।

 Palmistry: संतान से जुड़े सबसे बड़े प्रश्न का यहां मिलेगा उत्तर

हस्त सामुद्रिक शास्त्र में संतान रेखाएं कनिष्ठिका अंगुली के मूल में बुध पर्वत के ऊपर की ओर होती है। हथेली के बाहर की ओर से भीतर आने वाली क्षैतिज या हॉरिजेंटल लाइन विवाह रेखा कहलाती है। मोटे तौर पर देखा जाए तो विवाह रेखा बुध पर्वत को दो भागों में विभाजित करती है। इस विवाह रेखा के ऊपर और कनिष्ठिका अंगुली के मूल के बीच का जो भाग होता है उसमें खड़ी रेखाएं संतान रेखाएं होती हैं। ये रेखाएं स्पष्ट, लालिमा लिए हुए होनी चाहिए। आदर्श स्थिति में संतान रेखाएं अधिक गहरी नहीं होनी चाहिए। संतान का विचार शुक्र पर्वत पर स्थित रेखाओं से भी किया जाता है। चूंकिशुक्र पर्वत से कामेच्छा और यौन संबंधों के बारे में भी देखा जाता है इसलिए यहां से भी संतान का विचार करना चाहिए।

क्या होती है ग्रहों की दृष्टि, कौन सा ग्रह किस घर को देखता है?क्या होती है ग्रहों की दृष्टि, कौन सा ग्रह किस घर को देखता है?

  • सूक्ष्मता से अध्ययन करने पर संतान रेखाएं आसानी से गिनी जा सकती हैं। ये जितनी रेखाएं होती हैं जातक की उतनी ही संतानें होने का योग होता है।
  • जितनी गहरी और सीधी रेखाएं होती हैं वे पुत्र संतान की प्रतीक होती हैं और जितनी महीन, कोमल, बारीक रेखाएं होती हैं वे पुत्री संतान की संख्या दर्शाती हैं।
  • संतान रेखाएं स्पष्ट, निर्दोष, बिना कटी-फटी होनी चाहिए। इससे संतान योग उत्तम बनता है।
  • संतान रेखा पर द्वीप का चिन्ह होना संतान के कमजोर स्वास्थ्य की ओर संकेत करता है।
  • संतान रेखा पर तिल होने से संतान प्राप्ति में बाधा उत्पन्न होती है।
  • कटी-फटी संतान रेखाएं संतान सुख से वंचित कर सकती हैं।
  • संतान रेखाएं नीचे से ऊपर की ओर जाती हैं। यदि इसके अंतिम सिरे दो भागों में बंट गए हैं तो संतान को भारी संकटों और कष्टों का सामना करना पड़ता है।
  • संतान रेखा पर लाल तिल संतान के कमजोर स्वास्थ्य और अल्पायु होने का संकेत करता है।

English summary
Lines in the palm that indicate the children in your life are any vertical lines underneath the pinky finger or between both pinky and ring finger.
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