Vastu Tips: बाथरूम और शौचालय एक साथ कभी नहीं बनवाएं
लखनऊ। वास्तुशास्त्र के अनुसार स्नानगृह में चन्द्रमा का और शौचालय में राहु का वास होता है। जब राहु और चन्द्रमा एक साथ होते है तो ग्रहण लग जाता है यानि चन्द्रमा की शीतलता, निर्मलता व सकारात्मकता को राहु अपने प्रभाव से ढक लेता है।
चन्द्रमा के दूषित हो जाने पर घर में कई प्रकार के दोष उत्पन्न हो जाते है। चन्द्रमा मन व जल का कारक है एंव राहु विष का कारक है।

जल विषयुक्त
इन दोनों के एक साथ हो जाने पर जल विषयुक्त हो जाता है। इस विषयुक्त जल का प्रभाव तो पूरे परिवार पर पड़ता है किन्तु सबसे अधिक उस व्यक्ति पर पड़ता है जो एक साथ बने बाथरूम व शौचालय को ज्यादा इस्तेमाल करता है।

दूषित जल का सबसे पहले मन पर प्रभाव
इस दूषित जल का सबसे पहले मन पर प्रभाव पड़ता उसके पश्चात व्यक्ति के पूरे शरीर पर पड़ता है। जब हमारा मन दूषित होता है तो हम किसी भी काम को बेहतर ढंग से नही कर पाते है। मन में हमेशा चिड़चिड़ापन बना रहता है, स्मृति कमजोर होने लगती है, मन में हमेशा निराशा के भाव आते रहते है, जीवन साथी से बेवजह की चिकचिक बनी रहती है, घर के सदस्यों में आपसी तालमेल नहीं रह पाता है, बच्चे हमेशा बीमार रहते है, घर का बजट हमेशा बिगड़ा रहता है जिस कारण गृहस्वामी परेशान रहता है।

अमृत और विष
शास्त्रों में चन्द्रमा को सोम अर्थात अमृत कहा गया है और राहु को विष बताया गया है। अमृत और विष का एक साथ होना उसी प्रकार से है जैसे अग्नि और जल। दोनों विपरीत तत्व है यानि एक दूसरे के घोर विरोधी।

बाथरूम और शौचालय अगर एक साथ हो तो क्या करें उपाय
- इन दोनों के एक साथ होने पर आप दरवाजे के मुख्यद्वार के नीचे एक नौं इंच की लाल चौड़ी पटटी बनायें। ऐसा करने से वास्तुदोष में कमी आयेगी।
- यदि आप स्नानघर के अन्दर फिटकरी का एक बड़ा टुकड़ा रख देंगे तो उससे भी वास्तुदोष का प्रभाव काफी कम हो जायेगा।
- जिस घर में बाथरूम व शौचलय एक साथ अटैच हो उसका दरवाजा हमेशा बन्द रखना चाहिए जिससे कि शौचालय की नकारात्मक उर्जा घर के अन्दर प्रवेश न करें।
- अगर मकान में बाथरूम और शौचालय एक साथ अटैच है तो उसके अन्दर एक पानी से भरी बल्टी हमेशा रखी रहनी चाहिए। जो बर्तन खाली हो उन्हें उल्टा करके रख देना चाहिए।













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