Vastu Tips: अगर घर में नहीं चाहते कोई झगड़ा तो आज ही अपनाएं ये टिप्स
Vastu Tips for Home: पूर्व दिशा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इसी दिशा से जगत को रोशन करने वाला, अपनी ऊर्जा से तप्त करने वाले भगवान सूर्यनारायण का उदय होता है। इसलिए घर के निर्माण में भी पूर्वी दिशा का विशेष ध्यान रखा जाता है।
वास्तु शास्त्र में वैसे तो प्रत्येक दिशा को अत्यंत महत्वपूर्ण कहा गया है किंतु पूर्वी दिशा को लेकर खास निर्देश हैं। यह दिशा स पूर्ण घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करती है। यदि इस दिशा में कोई दोष है तो उस घर में रहने वाले लोगों को कोई न कोई परेशानी बनी रहेगी।

आइए जानते हैं पूर्वी दिशा के दोष और उन्हें दूर करने के उपाय-
पूर्व दिशा के पांच दोष
- पूर्व दिशा के वैसे को अनेकों दोष होते हैं लेकिन ह यहां सिर्फ पांच प्रमुख दोषों की चर्चा करेंगे।
- इस दिशा में गंदगी का होना। पूर्व दिशा हमेशा साफ-सुथरी होनी चाहिए। इस दिशा में गंदगी, कचरा, टूटे फूटे फर्नीचर, टूटे कांच, पुराना सामान नहीं होना चाहिए।
- इस दिशा को खुला रखना चाहिए। लोग पूर्वी दिशा को बंद कर देते हैं। आपका घर चाहे किसी भी मुखी का ह , आपको पूर्वीदिशा में कुछ स्थान सदैव खुला रखना ही चाहिए।
- पूर्वी दिशा में अग्नि स्थान होना। पूर्वी दिशा सूर्यदेव की दिशा जरूर है किंतु इस दिशा में अग्नि को कोई स्थान जैसे किचन आदि नहीं होना चाहिए। यह जल स्थान है।
- पूर्वी दिशा की दीवारों पर काला, नीला, हरा रंग भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
- पूर्वी दिशा में खिड़की या दरवाजे सम संख्या में होने चाहिए।
दोष दूर कैसे करें
- पूर्वी दिशा के दोष दूर करने के लिए सबसे पहले इस दिशा को गंदगी से मुक्त करें। इस दिशा को खुला रखें ताकि सूर्य की रोशनी पर्याप्त मात्रा में घर में आ सक ।
- पूर्वी दिशा में क्रिस्टल बॉल रखें।
- पूर्वी दिशा में एक कांच का बाउल रखें, उसमें हर दिन ताजा पानी भरें और गुलाब जल की कुछ बूंदें डालें।












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