अगर आपको गुस्सा बहुत आता है तो इन उपायों से करें कंट्रोल
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नई दिल्ली।गुस्सा प्रत्येक व्यक्ति को आता है। जब कोई आपकी बात नहीं मानता तो गुस्सा आता है। जब कोई काम आपकी मर्जी के मुताबिक नहीं होता है तो गुस्सा आता है। जब कोई नुकसान हो जाता है तो गुस्सा आता है। ऐसे सैकड़ों-हजारों कारण हैं जिनके कारण हम सभी को दिन में कई बार गुस्सा आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इसी गुस्से और क्रोध के कारण कई बार आप अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। कभी क्रोध के कारण कोई बड़ी हानि भी हो जाती है और आप किसी बड़ी मुसीबत में भी फंस जाते हैं। शास्त्रों में भी काम, मद, लोभ, मोह के साथ क्रोध से भी दूर रहने की बात की गई है। वाजिब बात पर क्रोध आए तो ठीक है, वरना कई लोगों को छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता है। यदि आपको भी बेवजह की बातों पर गुस्सा आता हो और आप उसे नियंत्रित नहीं कर पाते हैं तो कुछ उपाय हैं जिन्हें अपनाकर आप क्रोध पर काबू पा सकते हैं। ध्यान रहे क्रोध करने से आपका ही नुकसान होता है। जो कार्य क्रोध करके नहीं करवाए जा सकते, वे आप मृदु व्यवहार और मीठा बोलकर करवा सकते हैं।
आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ उपाय....

मोती पहनना चाहिए
यदि आपको बात-बात पर गुस्सा आता है और आप गुस्से में अपना आपा खो बैठते हैं तो आपको चांदी की अंगूठी या पेंडेंट में बड़े साइज का असली मोती पहनना चाहिए। कम से कम 8 से 12 कैरेट का मोती धारण करें। इससे आपका चंद्र ठीक होगा और क्रोध आने पर भी आप उसे ठीक से नियंत्रित कर पाएंगे।

चांदी का कड़ा हाथ में पहनें
यदि परिवार में कोई आपकी बात नहीं मानता और आपको गुस्सा आ जाता है या आप अधिकारी हैं और ऑफिस में अधीनस्थ आपकी बात नहीं सुनते तो आप चांदी का कड़ा हाथ में पहनें। अपने पर्स में चांदी पर चंद्र यंत्र बनवाकर रख सकते हैं। इससे सभी आपके अधीन हो जाएंगे और आपकी बात सुनेंगे। इससे आपको क्रोध भी नहीं आएगा।

लाल मूंगे के गणेशजी का पेंडेंट धारण करें
व्यक्ति अधिक गुस्से वाला तब बनता है, जब उसकी जन्मकुंडली में मंगल और चंद्र का तालमेल ठीक से नहीं बैठता। यदि कुंडली के किसी भी स्थान में मंगल उग्र है तो व्यक्ति क्रोधी स्वभाव वाला होता है। यदि लग्न स्थान में मंगल है तो व्यक्ति क्रोध में आकर परिणाम की परवाह भी नहीं करता। इसलिए मंगल को शांत करना आवश्यक है। इसके लिए गले में लाल मूंगे के गणेशजी का पेंडेंट धारण करें। इससे मंगल संतुलित होगा और क्रोध के कारण आपकी हानि नहीं होगी।

स्फटिक की माला
क्रोधी स्वभाव को ठीक करने के लिए गणेशजी की नियमित पूजा करें। यदि पढ़ सकें तो गणपित अथर्वशीर्ष का पाठ नियमित करें। प्रतिदिन स्फटिक की माला से ऊं गं गणपतयै नमः मंत्र की एक माला जाप करने से मानसिक स्थिति स्थिर होगी और आपको बेवजह क्रोध नहीं आएगा।

भोजन में दही को नियमित रूप से शामिल करें
अपने भोजन में दही को नियमित रूप से शामिल करें। शकर डालकर दही खाना या समय-समय पर मावे की मिठाई खाने से चंद्र से संबंधित दोषों में कमी आती है। इससे मानसिक स्थिति मजबूत होती है और बेवजह के क्रोध पर लगाम लगती है।












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