मध्य प्रदेश में खिलेगा कमल या मुस्कुराएंगे कमल नाथ? एग्जिट पोल के बाद क्या कहते हैं सितारे?
MP Exit Polls Prediction 2023: देश के पांच राज्यों के चुनाव नतीजे 3 दिसंबर को आने वाले हैं। इससे पहले एक्जिट पोल ने दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस की चिंताएं बढ़ा दी है। सभी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। जिसके पक्ष में एक्जिट पोल के नतीजे हैं वह उसे अच्छा बता रहा है और जिसके पक्ष में नहीं है वो एक्जिट पोल को झुठला रहा है।

मध्यप्रदेश की बात करें तो इंडिया टुडे-एक्सिस मप्र में भाजपा को प्रचंड बहुमत से जीत दिलवा रहा है तो एबीसी सी वोटर, टाइम्स नाऊ मप्र में कांग्रेस की सरकार बनाते नजर आ रहे हैं। बहरहाल यह तो हुई एक्जिट पोल की बातें लेकिन सितारे क्या कहते हैं यह भी जानना जरूरी है। आइए ज्योतिष की नजर से जानने का प्रयास करते हैं कि मध्य प्रदेश में एक बार फिर कमल खिलेगा या कमल नाथ मुस्कुराएंगे।
शिवराजसिंह चौहान के राजयोग में बाधा
मप्र के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 को दोपहर 12 बजे सीहोर का बताया जाता है। इसके अनुसार वृषभ लग्न, मकर राशि की कुंडली है। लग्नस्थ मंगल विराजमान है। दशम में सूर्य बैठकर संपूर्ण कुंडली को अपने प्रकाश से आलोकित कर रहा है। वर्तमान में शनि की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा का चरण चल रह है। शनि अष्टम में है नवम-दशम का कारक ग्रह है। एकादश में शुक्र के साथ बुध-केतु की युति राजयोग तो बना रही है किंतु वर्तमान में अष्टम में बैठे शनि की महादशा विपरीत प्रभाव डालती दिख रही है। यह राजयोग में बाधा का योग बन रहा है।
शिवराज सिंह चौहान का मुख्यमंत्री बनना तय नहीं
भाग्य भाव का चंद्र वर्तमान पद और स्थितियों से विचलन दर्शा रहा है। वर्तमान में देखा जाए तो प्रदेश में भाजपा को जिस प्रकार पिछले कार्यकाल में सरकार बनाने में कठिनाइयां आई थी, उसी प्रकार की परेशानी इस बार भी आ सकती है। यदि सरकार भाजपा की बन भी जाती है तो शिवराज सिंह चौहान का मुख्यमंत्री बनना तय नहीं है। यदि बन भी जाते हैं सीएम तो कुछ ही महीनों में उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है।
कमल नाथ चख सकते हैं सत्ता का स्वाद
कांग्रेस के चेहरे कमल नाथ का जन्म 18 नवंबर 1946 को दोपहर 12 बजे कानपुर का बताया जाता है। इसके अनुसार इनकी कुंडली मकर लग्न और कन्या राशि की है। इनको वर्तमान में बुध की महादशा में केतु की अंतरदशा चल रही है। इनके लिए शनि योगकारक ग्रह होकर सप्तम में स्थित है जो साझेदारी करने और जोड़तोड़ में महारत दिलवाता है। इनके एकादश भाव में पंचंग्रही योग शुक्र, मंगल, केतु, सूर्य, बुध से मिलकर बन रहा है।
आंतरिक विरोध के कारण इन्हें मुश्किलें आ सकती हैं
यह बुधादित्य, केशु योग और विपरीत राजयोग बना रहा है। इनके लिए सत्ता की सीढ़ी कभी भी आसान नहीं रही लेकिन वर्तमान ग्रहदशा इनकी मजबूत चल रही है। बुध की महादशी के कारण बुधादित्य राजयोग प्रबल चल रहा है। इसलिए मध्य प्रदेश की सत्ता इनके हाथ में आ सकती है। हालांकि जबर्दस्त आंतरिक विरोध के कारण इन्हें मुश्किलें आ सकती हैं। लेकिन ग्रहों के इशारे कमल नाथ के पक्ष में जाते दिखाई दे रहे हैं। केंद्र के बृहस्पति और शनि भी इन्हें सत्ता सुख दिलवा सकते हैं।












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