एक दिन के अंतर पर बदलेगी मंगल और शुक्र की चाल, बदलेगा प्रेम का समीकरण
नई दिल्ली, 22 फरवरी। इस माह 26 और 27 फरवरी को मात्र एक दिन के अंतर से दो प्रमुख और बड़े ग्रह गोचर में अपना राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। मंगल 26 फरवरी को दोपहर 3.49 बजे धनु से मकर में प्रवेश करेगा, वहीं एक दिन बाद 27 फरवरी को शुक्र सायं 6.15 बजे धनु से मकर में प्रवेश करेगा। दोनों ही ग्रहों का धनु से मकर में जाना जातकों के जीवन पर अनेक प्रकार के प्रभाव डालेगा। शुक्र 30 मार्च तक और मंगल 7 अप्रैल तक इसी राशि में रहेगा।

मंगल के परिवर्तन का प्रभाव
- मंगल को साहस, शौर्य, बल, पराक्रम, भूमि-संपत्ति, सौभाग्य, भाग्य, कृषि कार्य आदि का प्रतिनिधि ग्रह माना जाता है। मंगल का शनि की राशि मकर में जाना जातकों के जीवन में प्रकार के बदलाव लाएगा। मकर राशि में पूर्व से शनि और बुध भी हैं इसलिए यहां चतुर्ग्रही योग बन जाएगा। शनि की राशि में मंगल का गोचर संपत्ति और कृषि कार्यो में ठहराव ला सकता है। लेकिन अच्छी बात यह होगी किलोगों को भाग्य का बल मिलेगा। मकर के मंगल का प्रभाव इस प्रकार बताया गया है-
- मकरे च स्थिते भौमे घृततैल महर्घता। सुभिक्षं सर्वधान्यानां लोकानां दुख पीडनम् ।।
- अर्थात् मंगल के मकर में प्रवेश करने से घी, तैल, तिलहन, गुड़, शकर, तांबा, पीतल, स्टील, लोहा, अलसी, मशीनरी व शेयर बाजार में तेजी आएगी। प्रजा रोगादि से पीड़ित होगी, धान्योत्पादन अच्छा होगा जिससे सुभिक्षता बनी रहेगी।
शुक्र के परिवर्तन का प्रभाव
- शुक्र भौतिक सुख-सुविधाएं, विलासिता, ऐश्वर्यपूर्ण जीवनशैली, प्रेम, सौंदर्य, आकर्षण आदि का प्रतिनिधि ग्रह है।
- शुक्र का शनि की राशि में प्रवेश करना लोगों की जीवनशैली में बड़ा परिवर्तन लाएगा। संपत्ति, सुखों की चाह में लोग पागल होंगे।
- अपनी सुख-सुविधाएं बढ़ाने के लिए अत्याचार करने से भी परहेज नहीं करेंगे। आकर्षण प्रभाव बढ़ेगा।
- नए प्रेम संबंध प्राप्त होंगे।
- मकर में शुक्र के आने से कहीं-कहीं प्राकृतिक प्रकोप से खड़ी फसल को हानि हो सकती है।
शुक्र-मंगल का संयुक्त प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र और मंगल की युति जब किसी जातक की जन्मकुंडली में हो तो वह प्रेम के मामले में अव्वल होता है। उसके जीवन में अनेक प्रेमी-प्रेमिकाएं होते हैं। विवाहित होते हुए भी ऐसा जातक विवाहेत्तर संबंध बनाता है। कई बार ऐसे मामलों में व्यक्ति को अपमान और अपयश का सामना भी करना पड़ सकता है।
क्या विशेष करें
शुक्र-मंगल की युति के दौरान प्रत्येक राशि के जातक हनुमानजी की आराधना विशेष रूप से करें, लाभ होगा। नवग्रह कवच का नियमित रूप से पाठ करें। साथ ही मंगल के मंत्र ऊं अं अंगारकाय नम: और शुक्र के मंत्र ऊं शुं शुक्राय नम: का नियमित रूप से जाप करें।












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