Makar Sankranti 2022: मकर संक्रांति पर सूर्य और शनिदेव को करें इन मंत्रों से प्रसन्न, मिलेगा धन-बल
नई दिल्ली, 03 जनवरी। 'मकर संक्रांति' के दिन सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है। सूर्य की पूजा करने से इंसान को यश और बल की प्राप्ति होती है। सूर्य देव को इस दिन अर्ध्य देने की परंपरा है, जिसको देते वक्त कुछ खास मंत्रों का जाप करना चाहिए। जो कि निम्नलिखित हैं।

ये हैं सूर्य मंत्र
- नमामि देवदेवशं भूतभावनमव्ययम्। दिवाकरं रविं भानुं मार्तण्डं भास्करं भगम्।।
- इन्द्रं विष्णुं हरिं हंसमर्कं लोकगुरुं विभुम्। त्रिनेत्रं त्र्यक्षरं त्र्यङ्गं त्रिमूर्तिं त्रिगतिं शुभम्।।
- ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य:
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा.
- ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:
- ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः
- ॐ सूर्याय नम:
- ॐ घृणि सूर्याय नम:
'मकर संक्रांति' पर सूर्यदेव के साथ-साथ शनिदेव की भी खास पूजा करनी चाहिए क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि से ही मिलने जाते हैं और चूंकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं इसलिए इस दिन को मकर संक्रान्ति के नाम से जाना जाता है। शनिदेव की पूजा करने से सारे कष्टों का अंत होता है।
शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय
- ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
- ॐ शं शनैश्चराय नमः।
- शनि महामंत्र ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।
- शनि का पौराणिक मंत्र ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।
- ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।
- ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।












Click it and Unblock the Notifications