Lunar Eclipse 2021: क्या होता है सुपर ब्लड मून, क्या है चंद्र ग्रहण का समय?
नई दिल्ली, 25 मई। 26 मई 2021 बुधवार को एक खास खगोलीय घटना होने जा रही है। वैशाख पूर्णिमा पर आकाश में सुपर ब्लड मून दिखाई देगा। इस दिन चंद्रग्रहण होने के कारण यह विशेष घटना होने वाली है। ब्लड मून का अर्थ यह नहीं है कि चंद्रमा लाल दिखाई देगा, जबकि इस घटना में चंद्रमा अपने आकार से बड़ा दिखाई देगा। खगोलीय भाषा में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है।
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क्या होता है सुपर ब्लड मून
26 मई को चंद्र ग्रहण के कारण सुपर मून, ब्लड मून की घटना होगी। हालांकि भारत में चंद्रमा पूर्वी क्षितिज से नीचे होगा जिस कारण कई हिस्सों में ब्लड मून दिखाई नहीं देगा। सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आने की घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा की रोशनी को छुपा लेती है। जिसके कारण सूर्य की रोशनी जब पृथ्वी के वायुमंडल से टकराकर चंद्रमा पर पड़ती है तो चंद्रमा ज्यादा चमकीला दिखाई देता है। जब चंद्रमा पृथ्वी के पास धीरे धीरे पहुंचता है तो उसका रंग ज्यादा चमकीला दिखाई देता है। इस कारण उसका आकार भी बड़ा दिखाई देता है। कुछ जगहों से देखने पर यह अलग-अलग रंगों में दिखाई भी देता है। इस घटना को सुपर ब्लड मून कहा जाता है।
खग्रास चंद्र ग्रहण का समय
वैशाख पूर्णिमा 26 मई 2021 बुधवार को खग्रास चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण उत्तर-पश्चिम-दक्षिण एवं पूर्व के अधिकांश क्षेत्रों मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, बिहार आदि प्रदेशों में दिखाई नहीं देगा। यह चंद्र ग्रहण 20-25 मिनट की अवधि का ग्रस्तोदय रूप में भारत के सुदूर पूर्वी भू भागों में दिखाई देगा।
ग्रहण का स्पर्श भारतीय मानक समय के अनुसार दोपहर 3.15 बजे होगा और मोक्ष सायं 6.21 बजे रहेगा। कुल अवधि 3 घंटे 6 मिनट रहेगी। जिन सुदूर पूर्वी भारत के क्षेत्रों में सायंकाल 6.21 मिनट के पूर्व चंद्रोदय होगा वहां पर चंद्रोदय से लेकर 6.21 बजे तक ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण होगा।












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