Lok Sabha Election 2024: क्या फिर सत्ता सुख मिलेगा PM मोदी को? क्या कहते हैं सितारे?
Pm Modi Astro Prediction: वर्ष 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बने नरेन्द्र दामोदरदास मोदी के सितारे संकेत दे रहे हैं कि एक बार फिर उनके हाथ में सत्ता का सुख आने वाला है। मोदी की कुंडली के ग्रह-नक्षत्र उनके हाथ में सत्ता सौंपने को आतुर हैं। हालांकि यह भी संकेत हैं कि उनका प्रभाव पिछले चुनावों के मुकाबल थोड़ा कम हो सकता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार नरेन्द्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को सुबह 11 बजे गुजरात के वडनगर में हुआ। इसके अनुसार वृश्चिक लग्न और वृश्चिक राशि बनती है। वृश्चिक लग्न, लग्नेश मंगल, रासेश मंगल केंद्र में (लग्न में) स्थित होकर संपूर्ण कुंडली को बली बना रहा है।

वर्तमान में मंगल की ही महादशा चल रही है जिसमें शनि की अंतर्दशा का गोचर चल रहा है। लग्नेश की महादशा शुभ तो है किंतु शनि की अंतर्दशा बड़े उलटफेर करवा सकती है। इनके स्थायित्व में कमी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
शनि केंद्रस्थ दशम में दे रहा योगकारक
मोदी की कुंडली में शनि केंद्रस्थ दशम में स्थित होकर योगकारक है। यह कर्म स्थान में होने के कारण जातक को प्रबल राजयोग प्रदान कर रहा है किंतु यह इस बात का संकेत भी है आपकी लोकप्रियता में कमी आ सकती है और दूसरों को साधने के चक्कर में आपके अपने भी दूर हो जाएंगे। विरोधियों के कारण सत्तासुख से मोहभंग जैसी स्थिति भी बन रही है क्योंकि शनि के साथ राजसुख का कारक शुक्र भी बैठा हुआ है। ऐसा जातक तीन बार राजा बनता है और सत्ता सुख का भोग करता है।
विरोधी सक्रिय होंगे और छवि को नुकसान पहुंचाना चाहेंगे
लघु कल्याणी ढैया का प्रभाव मोदी की राशि वृश्चिक पर शनि का लघु कल्याणी ढैया चल रहा है। जो बीच-बीच में अस्थिरता का माहौल पैदा करेगा। विरोधी सक्रिय होंगे और छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेंगे हालांकि वे अपने मिशन में कामयाब नहीं हो पाएंगे।
त्रिकोण भाव में राहु का होना कष्टकारी हो सकता है
मोदी की वृश्चिक राशि पर इस समय शनि के लघुकल्याणी ढैया का प्रभाव भी है। इसके कारण उतार-चढ़ाव और विरोधियों की सक्रियता परेशान करती है। त्रिकोण भाव में राहु का होना कष्टकारी हो सकता है। यह स्वयं के बल में कमी लाकर प्रतिस्पर्धियों के बल को बढ़ाता है।












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