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कृष्ण एकादशी का हुआ क्षय इसलिए इस दिन किया जाएगा व्रत

By Pt. Gajendra Sharma
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नई दिल्ली। भाद्रपद माह के कृष्णपक्ष की एकादशी तिथि को अजा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार अजा एकादशी का क्षय हो गया है। क्योंकि यह एकादशी तिथि 26 अगस्त को सूर्योदय के बाद प्रारंभ होकर 27 अगस्त को सूर्योदय से पूर्व ही समाप्त हो जाएगी। इसलिए शास्त्रानुसार अजा एकादशी का क्षय हो गया, लेकिन चूंकि व्रत करने का तो विधान है ही इसलिए सवाल यह उठता है कि आखिर व्रत किस दिन किया जाए।

26 अगस्त को ही इसका व्रत कर लेना उचित

26 अगस्त को ही इसका व्रत कर लेना उचित

शास्त्रों के अनुसार जो लोग एकादशी का व्रत रखते हैं उन्हें 26 अगस्त को ही इसका व्रत कर लेना उचित होगा। क्योंकि 26 अगस्त को लगभग 22 घंटे एकादशी तिथि रहेगी। 27 को सूर्योदय से पूर्व ही एकादशी तिथि समाप्त हो जाने से इसका कोई महत्व नहीं रहेगा। हालांकि यहां भी स्मार्त और वैष्णव मतभिन्नता सामने आ रही है। स्मार्त 26 अगस्त को तथा वैष्णव बढ़ती तिथि में 27 को एकादशी का व्रत करेंगे।

कैसे करें व्रत पूजा

अजा एकादशी व्रत करने वाले साधक को चाहिए कि वह दशमी तिथि की रात्रि में भोजन ना करें। एकादशी को सूर्योदय पूर्व उठकर तिल और मिट्टी का लेप करके कुशा से स्नान करे। इसके बाद सूर्य को जल का अर्घ्य दे और और भगवान विष्णु की पूजा करें। पूजा के लिए अपने पूजा स्थान को शुद्ध कर लें। इसमें एक चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर धान्य रखकर उस पर कलश स्थापित करे। कलश पर लाल रंग का वस्त्र सजाएं। इस पर भगवान विष्णु की प्रतिमा रखकर एकादशी व्रत का संकल्प लेकर विधि विधान से पूजन करें। इसके बाद अजा एकादशी व्रत की कथा सुनें या पढ़ें। दिन भर निराहर रहते हुए भगवान विष्णु के नामों मानसिक जाप करते रहे। द्वादशी के दिन ब्राह्मण को यथायोग्य दान दक्षिणा दें और स्वयं व्रत खोलें।

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अजा एकादशी का महत्व

अजा एकादशी का महत्व

अजा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति अपने चित्त की वृत्तियों से आगे बढ़कर धर्म के मार्ग पर प्रशस्त होता है। कहा जाता है कि अजा एकादशी का व्रत करने से अश्वमेघ यज्ञ करने के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से हरिद्वार आदि तीर्थ स्थानों में स्नान, दान आदि का फल प्राप्त होता है। व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के ग्रहजनित दोष भी दूर हो जाते हैं और व्यक्ति समस्त सुखों का भोग करते हुए अंत में मोक्ष को प्राप्त होता है। भगवान विष्णु की कृपा से व्रती की आने वाली कई पीढि़यों को दुख नहीं भोगना पड़ते हैं।

एकादशी तिथि

एकादशी तिथि

  • एकादशी प्रारंभ 26 अगस्त सूर्योदय के बाद प्रातः 7.02 बजे से
  • एकादशी समाप्त 27 अगस्त को सूर्योदय पूर्व प्रातः 5.09
  • चूंकि एकादशी 27 को सूर्योदय से पूर्व ही समाप्त हो जाएगी इसलिए एकादशी तिथि का क्षय हो गया है।

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English summary
Krishna Ekadashi is 26 August 2019, here is Importance and Puja Vidhi of Krishna Ekadashi fast.
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