• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

जीवन में पाना हो सुख-सम्मान तो होली की रात्रि में रूद्राक्ष और पारद की माला करें धारण

By Pt. Gajendra Sharma
|

नई दिल्ली। रूद्राक्ष और पारद का भगवान शिव से गहरा नाता है या यूं कहें कि ये दोनों ही भगवान शिव को अत्यंत प्रिय हैं। रूद्राक्ष को भगवान शिव के नेत्र का अश्रु माना जाता है तो पारद को उनका ओज। रूद्राक्ष और पारद दोनों ही मनुष्य को भोग, मोक्ष, उत्थान, उन्न्ति, लक्ष्मी, सुख, सम्मान सबकुछ प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। तंत्र और रस शास्त्र में इन दोनों पदार्थों से मिलाकर बनाई गई माला को मान-सम्मान, सुख, धन-संपत्ति प्रदाता कहा गया है।

होली की रात्रि में रूद्राक्ष-पारद की माला करें धारण...

वैसे तो रूद्राक्ष और पारद से बनी माला को कभी भी धारण किया जा सकता है, लेकिन कुछ विशेष दिन होते हैं जब इनका प्रभाव अधिक मिलता है। ये सिद्ध दिन होते हैं होली, शिवरात्रि, नवरात्रि, धनतेरस, दीपावली और अक्षय तृतीया। हाल ही में 28 मार्च को होली आ रही है। इस दिन यदि आप रूद्राक्ष-पारद की संयुक्त माला धारण करेंगे तो सर्वत्र विजयी होने से कोई नहीं रोक पाएगा।

कैसे बनती है रूद्र-पारद माला

सामान्यत: कोई भी माला 108 दानों की होती है लेकिन रूद्राक्ष-पारद माला बनाते समय दोनों दानों की संख्या 54-54 रखी जाती है। अर्थात् 54 दाने रूद्राक्ष के और 54 दाने पारद के। इन्हें माला में सम-विषम के अनुक्रम में पिरोया जाता है। पहला दाना रूद्राक्ष का, दूसरा पारद का इस प्रकार करते हुए पूरी माला गूंथी जाती है। इनमें रूद्राक्ष पंचमुखी रखा जाता है। इस प्रकार बनी हुई माला में शिव, गौरी, गणेश, शिव, लक्ष्मी का वास होता है।

कब करें धारण

रूद्राक्ष-पारद की माला को होली की रात्रि में भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र का जाप करते हुए धारण करें। इससे पहले माला का शुद्धिकरण संस्कार कर लें। वैसे तो रूद्राक्ष और पारद स्वयं सिद्ध होते हैं लेकिन माला बनाते समय बनाने वाले के हाथों का स्पर्श होता है इसलिए इसे धारण करने से पहले गंगाजल से स्नान करवा लें। शिवजी के चरणों में रखें और फिर धारण करें।

मिलते हैं चमत्कारिक लाभ

  • शरीर से रूद्राक्ष और पारद का स्पर्श करना अत्यंत शुभ होता है। यह शरीर के आसपास का औरा शुद्ध करता है। नकारात्मक ऊर्जा सोख लेता है और शरीर को नई ऊर्जा से ओतप्रोत कर देता है।
  • इसे पहनने से व्यक्ति की मानसिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आता है। शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से व्यक्ति मजबूत बनता है।
  • रूद्राक्ष और पारद का कॉम्बीनेशन लक्ष्मी आगमन के मार्ग खोलता है। इस माला को धारण करने वाले व्यक्ति पैसा कमाने में सक्षम बन जाते हैं।
  • यह माला नकारात्मक शक्तियों के प्रति रक्षा कवच की तरह काम करती है।
  • अनेक प्रकार के रोग इससे दूर होते हैं। विषाणु, जीवाणु के संक्रमण से रक्षा करने में रूद्र-पारद माला कारगर सिद्ध होती है।
  • रूद्र-पारद माला नवग्रहों को संतुलित करने का काम करती है। यदि कोई ग्रह कमजोर या नीच का है कुंडली में तो यह सभी को बैलेंस करती है।- सरकारी नौकरी या बिजनेस में सफलता के लिए रूद्र-पारद माला अवश्य धारण करना चाहिए।
  • ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाए तो यह मांगलिक दोष, सर्प दोष, नाग दोष, राहु-केतु से बनने वाले दुर्योगों को दूर करती है।
  • पारद जिस घर में होता है वहां के वास्तु दोष समाप्त कर देता है। यह माला जो व्यक्ति धारण करता है, उसके स्वजनों पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव होता है।

यह पढ़ें: Holi 2021: होली के सिद्ध दिन करें कुछ खास उपाय, सारे संकट होंगे दूरयह पढ़ें: Holi 2021: होली के सिद्ध दिन करें कुछ खास उपाय, सारे संकट होंगे दूर

English summary
Holika Night and whole day of Holi festival is among most auspicious days for performing Black magic, Tantra Mantra. Here is Rudraksha and Parad Mala Benefits.
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X