Dussehra 2025: सावधान! विजयदशमी की रात बदल सकती है किस्मत! दशहरे पर गलती से भी न छुएं ये अशुभ वस्तुएं
Dussehra 2025 Astrology Tips: हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को दशहरा मनाया जाता है। इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था। इस साल यह पर्व 2 अक्टूबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। दशहरे को विजयदशमी भी कहते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन जितना शुभ होता है, उतनी ही सावधानियां बरतने की सलाह भी दी जाती है, खासकर सूर्यास्त के बाद। माना जाता है कि कुछ चीजें और कार्य नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकते हैं, जिससे आपकी किस्मत बदल सकती है।

यहां वे चीजें बताई गई हैं, जिन्हें दशहरे के दिन या रात को छूने या करने से बचना चाहिए:
1. नकारात्मकता से भरी पुरानी चीजें (Dussehra 2025)
Dussehra 2025 Astrology Tips:: जले हुए रावण के अवशेष: रावण को बुराई का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि रावण दहन के बाद उसके जले हुए अवशेषों या लकड़ियों को छूना या घर लाना अशुभ हो सकता है। इससे नकारात्मकता आपके साथ आ सकती है।
Dussehra 2025 Astrology Tips:: अशुभ मानी जाने वाली वस्तुएं: किसी भी प्रकार की टूटी हुई या खंडित मूर्ति, गंदी या फटी हुई झाड़ू (जो दरिद्रता लाती है), या बंद पड़ी घड़ी को दशहरे के दिन छूने या देखने से बचें। ये वस्तुएं दुर्भाग्य का प्रतीक मानी जाती हैं।
Dussehra 2025 Astrology Tips: अज्ञात सामग्री (टोना-टोटका): दशहरे की रात को कुछ लोग नकारात्मक तांत्रिक क्रियाएं करते हैं। यदि आपको रास्ते में कहीं अजीब या अज्ञात सामग्री (जैसे कि नींबू, सिंदूर, मिट्टी के बर्तन या कोई खाद्य सामग्री) रखी मिले, तो उसे न छुएं और न ही उसके ऊपर से गुजरें। माना जाता है कि ये चीजें किसी की बुरी शक्ति या रोग को दूर करने के लिए रखी गई हो सकती हैं।
धारदार औजारों का अनादर: दशहरे पर शस्त्र पूजा का विधान है, लेकिन मान्यता है कि इस दिन धारदार वस्तुओं जैसे चाकू, छुरी या लोहे के औजारों का अनादर नहीं करना चाहिए। इनका प्रयोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए करें। यदि ये धारदार वस्तुएं बिना काम के खुली रखी हों, तो इन्हें तुरंत ढक दें।
दशहरे पर ये काम करने से भी बचें: (Dussehra 2025)
- किसी का अपमान:दशहरे के दिन भूलकर भी किसी व्यक्ति का अपमान न करें, खासकर महिलाओं का। देवी दुर्गा की पूजा के इस दिन महिलाओं का अपमान करना बेहद अशुभ माना जाता है।
- मांसाहार और मदिरा सेवन: यह पर्व सात्विक पूजा और विजय का है। इस दिन मांसाहार या मदिरा का सेवन करना अशुभ माना जाता है और यह आध्यात्मिक ऊर्जा को नष्ट करता है।
- शोक या क्रोध: इस दिन शोक मनाना या अत्यधिक क्रोध करना अशुभ फल देता है। यह दिन खुशी और उत्साह से भरा होना चाहिए।
इन बातों का ध्यान रखने से आप नकारात्मक शक्तियों से दूर रह सकते हैं और विजयदशमी की सकारात्मक ऊर्जा का पूरा लाभ उठा सकते हैं।












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