Devshayani Ekadashi 2018: देवशयनी एकादशी के दिन भूलकर भी ना करें ये काम
नई दिल्ली। आज देवशयनी एकादशी है, हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी का बड़ा महत्व है, कहीं-कहीं इस दिन को 'पद्मनाभा' भी कहते हैं। सूर्य के मिथुन राशि में आने पर ये एकादशी आती है। इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ माना जाता है।

भगवान श्री हरि विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं
इस दिन से भगवान श्री हरि विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और फिर लगभग चार महीने बाद तुला राशि में सूर्य के जाने पर उन्हें उठाया जाता है। उस दिन को 'देवोत्थानी एकादशी' कहा जाता है। इस बीच के अंतराल को ही 'चातुर्मास' कहते हैं।
इस दिन कुछ खास बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए जिससे घर में खुशहाली आती है...

क्या ना करें
- एकादशी के दिन चावल का सेवन करने से बचें।
- इस दिन बाल भी नहीं बनवाने चाहिए और न ही नाखुन काटने चाहिए।
- इस दिन मंदिर में सूखे फूलों की माला बिल्कुल नहीं रखनी चाहिए
- घर को साफ सुथरा रखना चाहिए।
- प्याज-लहसुन खाने से बचें और मांसाहारी भोजना ना करें।
- गाय को रोटी खिलाएं और संभव हो तो पंडितों को भोजन कराएं।
- भगवान विष्णु को पीले रंग का वस्त्र चढ़ाएं और पीला मिष्ठान अर्पित करें।













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