Black Moon 2025 : कब है 'ब्लैक मून'? क्या चांद का रंग होगा काला? आने वाली है तबाही? जानें सारे सवालों का जवाब
Black Moon 2025 : अंतरिक्ष में हर वक्त कुछ ना कुछ घटता रहता है, जिसका पृथ्वी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कनेक्शन जरूर होता है इस बार भी आने वाले शनिवार यानी कि 23 अगस्त को कुछ ऐसा होने वाला है, जिस पर दुनियाभर के वैज्ञानिकों की नजर है, आपने सही समझा यहां बात हो रही है 'ब्लैक मून' की, जो कि इस महीने की 23 तारीख को आने वाला है।
खगोल विज्ञान की दृष्टि से 'ब्लैक मून' एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जो कि तब घटती है जब एक ही महीने में दो बार अमावस्या आती है। आमतौर पर एक महीने में केवल एक बार अमावस आती है लेकिन जब महीने में ये दो बार आए तो दूसरी अमावस्या को 'ब्लैक मून' कहा जाता है।

वैसे खगोल विज्ञान में 'ब्लैक मून' कोई आधिकारिक शब्द नहीं है लेकिन इसका इस्तेमाल कुछ खास तरह की चंद्र घटनाओं का वर्णन करने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है जो अक्सर नहीं होती है।
चंद्र चक्र की तीसरी अमावस्या कहलाती है Black Moon
दरअसल हर ऋतु में तीन अमावस्याएं होती हैं लेकिन कभी-कभी, चंद्र चक्र के हमारे कैलेंडर के साथ तालमेल बिठाने के कारण, चौथी अमावस्या भी आ जाती है। जब ऐसा होता है, तो क्रम में तीसरी अमावस्या को 'ब्लैक मून' कहा जाता है।
क्या चांद सफेद से काला हो जाएगा? (Black Moon 2025)
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों-उपग्रह की चाल का असर मनुष्य के सीधे जीवन पर पड़ता है इसलिए जब इनकी चालों पर अंतर या परिवर्तन होता है तो उसे अच्छा नहीं मानते हैं। अब यहां पर बात 'काले चांद' की हो रही है, तो इसका अर्थ ये नहीं कि उस दिन चांद सफेद से काला हो जाएगा। ये तो 'मौसमी मून' के हिसाब से उसका नाम रखा गया है। काले रंग को लोग शोक या दुख से जोड़ लेते हैं, तो इसका अर्थ ये नहीं 23 अगस्त को कुछ विनाशकारी या अशुभ होने जा रहा है, इसलिए भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
अमावस्या के दिन चांद नजर नहीं आता है (Black Moon 2025)
दरअसल जिस दिन अमावस्या होती है, उस दिन चांद आकाश में नजर नहीं आता है। पंचांग के मुताबिक अमावस्या चंद्रमास के अंतिम दिन होती है। अमावस्या को अंधकार की रात भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन चांद पृथ्वी से काफी दूर होता है, जिसके कारण उसका चमकीला हिस्सा धरती से दिखाई ही नहीं पड़ता है।
Black Moon के होने का कारण
चंद्रमा लगभग 29.5 दिनों में पृथ्वी का एक चक्कर लगाता है। जब किसी कैलेंडर माह में चंद्रमा का यह चक्र दो बार पूरा हो जाता है, तो उसी माह की दूसरी अमावस्या को 'ब्लैक मून 'कहा जाता है। ह घटना हर दो से तीन साल में एक बार घटित होती है।
Black Moon का महत्व
- 'ब्लैक मून' को आत्मचिंतन, साधना और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है।
- माना जाता है कि 'ब्लैक मून' का असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति, भावनाओं और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है।
- तांत्रिक और साधक इसे विशेष शक्ति अर्जन का समय मानते हैं।
अमावस्या का धार्मिक महत्व
- अमावस्या के दिन पितृ तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है।
- इस दिन किए गए दान और पूजा से पूर्वज प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।
- अमावस्या के दिन नदी या तीर्थस्थल में स्नान करके गरीबों को दान देना शुभ माना जाता है।
यह पढ़ें: Disclaimer: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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