Peridot: सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करता है पेरिडाट
नई दिल्ली, 06 अगस्त। नौ रत्नों के अलावा सैकड़ों उपरत्न ऐसे हैं जो मनुष्य को मानसिक सुख-शांति के साथ जीवन के समस्त भोग-विलास प्रदान करने में पूर्णतया सक्षम हैं। ऐसा ही एक उपरत्न है पेरिडाट। हरे रंग का खूबसूरत पारदर्शी यह उपरत्न बुध के रत्न पत्ना के विकल्प के रूप में धारण किया जाता है। पेरिडाट के बारे में कहा जाता है कियह रत्न जो मनुष्य धारण करता है उसकी मानसिक स्थिति जबर्दस्त तरीके से उर्वर हो जाती है, वह ऐसे सटीक और सुलझे हुए निर्णय लेता है जिससे उसे तेजी से उन्नति करने में सहायता मिलती है। साथ ही उसके पास धन की आवक बढ़ जाती है। चेहरे पर तेज और चमक आ जाती है। पेरिडाट पहनने से त्वचा संबंधी रोग भी दूर हो जाते हैं।

उपरत्नों के समूह में शामिल यह सुंदर रत्न मिस्र देश का राष्ट्रीय रत्न है। पेरिडाट अधिक मूल्यवान रत्न नहीं है किंतु इसे देखकर मूल्यवान होने का भ्रम होता है। प्राचीनकाल में रोम के लोग इस रत्न को भूत-प्रेत, जादू-टोने आदि से बचाव के लिए धारण करते थे। इंग्लैंड के सम्राट सप्तम एडवर्ड ने इस रत्न को ताबीज के रूप में धारण किया हुआ था।
पेरिडाट के बारे में विशेष बातें
- पेरिडाट को स्वर्ण या चांदी की अंगूठी या पेंडेंट में धारण किया जाता है।
- बुध का उपरत्न होने के कारण इसे बुधवार के दिन धारण करना शुभ होता है।
- 6, 8 और 12 कैरेट का पेरिडाट धारण नहीं करना चाहिए।
- पेरिडाट साफ-सुथरा हो, टूटा-फूटा या दोषयुक्त नहीं होना चाहिए।
- पेरिडाट पहनने से बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है।
- शिक्षा के क्षेत्र में, लिखने-पढ़ने के कार्यो में लाभ होता है।
- सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए पेरिडाट पहनना लाभदायक होता है।
- त्वचा रोगों में पेरिडाट पहनने से आराम मिलता है।
- इसे धारण करने से चेहरे का तेज और आकर्षण बढ़ता है।












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