Master Vastu: 'मास्टर वास्तु' से बनिए रातों-रात करोड़पति, जानें क्या है अचूक फॉर्मूला?
Master Vastu: आजकल हर कोई धनी बनना चाहता है लेकिन 100 में से केवल 10-20 लोगों का ये सपना पूरा हो पाता है। आचार्य लवभूषण के अनुसार, सफलता सिर्फ मेहनत से नहीं मिलती बल्कि भाग्य व ब्रह्मांडीय शक्तियों को भी इसमें योगदान जरूरी है। सही ज्योतिषीय उपाय अपनाने से परिश्रम का फल कई गुना बढ़ता है। आ
चार्य ने 'मास्टर वास्तु' नामक एक अनूठी तकनीक विकसित की है, उनके मुताबिक प्रत्येक व्यक्ति का जन्मतिथि आधारित खास 'मेनिफेस्टेशन जोन' होता है जो सपनों को पूरा करने में अहम है, जो कि उसे रातों-रात वो दिलवा देता है, जो कि वो चाहता है।

ज्योतिषाचार्य आचार्य लवभूषण जी के मुताबिक कोई भी व्यक्ति करोड़पति बन सकता है. उनके मुताबिक़ जीवन में आप जो कुछ चाहते हैं उसका एक विजन बोर्ड बनाइए,इसके बाद कुंडली का 11वां घर जिसे इच्छा पूर्ति का घर भी कहा जाता है, उसमें जो राशि बैठी हुई है उस राशि की दिशा में यदि आप अपने मिशन और विजन बोर्ड को लगा देते हैं तो 11वें हाउस का स्वामी आपके साथ में लग जाता है और जिस भी दिशा में आप मेहनत करते हैं वहां हद कम समय में आपकी सफलता पक्की हो जाती है।
Master Vastu: बिना तोड़-फोड़ के उपाय
आचार्य लव भूषण के मुताबिक किसी भवन के वास्तु को ठीक करने का सबसे सबसे अनोखा तरीका 'मास्टर वास्तु' है, जो बिना किसी तोड़-फोड़ के काम करता है. यह वास्तु आपके घर या ऑफिस के लिए नहीं, बल्कि आपकी व्यक्तिगत कुंडली और जन्मतिथि के हिसाब से होता है
Master Vastu Tips :सपनों को कहां बैठकर मेनिफेस्ट करें?
यह जोन ताता है कि सपनों को कहां बैठकर मेनिफेस्ट करें विज़न बोर्ड को कुंडली के 11वें घर की दिशा में लगाने से सफलता शीघ्र मिलती है। यदि गलत जोन में 8वें घर की दिशा में मेनिफेस्ट करें, तो चीजें आने की बजाय जाने लगती हैं, वहीं, 12वें घर की दिशा में करने से सपने या तो पूरे नहीं होते, या 10 गुना समय लगता है।
Master Vastu Hindi: नाम के अक्षरों में होती है वाइब्रेशन
आपके नाम के अक्षरों में एक खास वाइब्रेशन होती है, जो भाग्य प्रभावित करती है। जन्मतिथि अनुसार स्पेलिंग बदलने से किस्मत बदल सकती है इसीलिए कई सेलिब्रिटीज और उद्योगपति ऐसा करते हैं।

पंच तत्वों के लिए करें खास उपाय (Master Vastu)
जन्मतिथि में पंच तत्वों (पृथ्वी, अग्नि, जल, वायु, आकाश) की कमी पहचानकर उपाय करने से चमत्कारी बदलाव आते हैं। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति कम समय में धनी बन सकता है। साल 2000 के बाद जन्मे बच्चों में अक्सर 2-3 तत्वों की कमी होती है। वायु तत्व के लिए लकड़ी के बर्तन, अग्नि तत्व के लिए कैंडल-लाइट डिनर, आकाश के लिए लोहे के बर्तनों का उपयोग लाभप्रद है।
पारंपरिक ज्योतिष में 6वें, 8वें व 12वें भाव अशुभ माने गए हैं। पर आचार्य कहते हैं कि ये हमेशा बुरे नहीं होते, बल्कि छोटे-बड़े उद्योग, जोखिम व विदेशों से जुड़े हैं। जैसे कुंडली का तीसरा भाव सोशल मीडिया और नाम-शोहरत का है,छठा भाव छोटी इंडस्ट्री और डॉक्टरी-वकालत के पेशे से जुड़ा है,इसी तरह आठवां भाव बड़े उद्योग, बड़ी फैक्ट्रियों और माइनिंग से जुड़ा है, ऐसी स्थिति में यदि आप अपनी कुंडली के अनुसार करियर चुनते हैं, तो बहुत कम मेहनत में भी बहुत आगे जा सकते हैं।
इन चीजों का भूलकर भी न करें दान, वरना होगा नुकसान
यह एक गोपनीय तथ्य है, धन देने वाले ग्रहों से जुड़ी वस्तुओं का दान न करें। जैसे, लोहे का काम होने पर लोहे का दान न करें, क्योंकि यह धनकारक ग्रह को कमजोर करेगा।दान हमेशा कुंडली के 4थे, 8वें व 12वें भाव में स्थित ग्रहों से संबंधित वस्तुओं का ही किया जाना चाहिए। यह विशिष्ट दान पद्धति जीवन में सकारात्मकता औरसमृद्धि बनाए रखती है।
कलयुग और राहु का प्रभाव
कलयुग राहु का युग है। देर रात पार्टी, देर से उठना, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का उपयोग - ये सब राहु के प्रभाव हैं जो आधुनिक जीवन में आम हैं।राहु को साधने पर वह आपको राजा बना सकता है। धन कमाने का शॉर्टकट नहीं, पर सही ज्योतिषीय ज्ञान औरवास्तु उपाय रुकावटें दूर करते हैं। जन्मतिथि अनुसार सही दिशा, रंग, मंत्र व दान धन आकर्षित करने के रहस्य हैं।












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