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Obesity: कैसे कम करें अपना वजन, क्या कहता है ज्योतिष

By Pt. Gajendra Sharma
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नई दिल्ली। मोटापा आजकल की सबसे बड़ी समस्या बनता जा रहा है। काम की भागदौड़ में व्यक्ति न तो ठीक से खानपान कर पा रहा है और न ही खुद की फिटनेस पर ध्यान दे पाता है, ऐसे में तेजी से वजन बढ़ना स्वाभाविक है। मोटापे की वजह से डायबिटीज, हार्ट जैसी बीमारियों के मरीज भी बढ़ते जा रहे हैं। चिंता की बात यह है कि लोग मोटापा आने के बाद उसे कम करने के उपाय करते हैं, जो कहीं से भी सही नहीं कहा जा सकता। मोटापा आए ही नहीं इसके लिए पहले से अपनी दिनचर्या को संतुलित बना लेना चाहिए। खैर, अब तो मोटापा आ ही गया तो क्या किया जाए। लोग एक्सरसाइज करते हैं, योग की शरण में जाते हैं, डायटिशियन से डाइट चार्ट बनवाकर फॉलो करते हैं, जिमिंग करते हैं, लेकिन फिर भी मोटापा कंट्रोल में नहीं होता।

किन कारणों से होता है मोटापा

किन कारणों से होता है मोटापा

  • मोटापे के बारे में ज्योतिष क्या कहता है यह जानना भी जरूरी है क्योंकि ज्योतिष में जीवन की प्रत्येक समस्याओं का समाधान अवश्य देता है। ज्योतिष की नजर से सबसे पहले जानते हैं मोटापे की समस्या किन लोगों को हो सकती है।
  • ज्योतिष के अनुसार जल तत्व वाली राशियों कर्क, वृश्चिक और मीन में जन्म लेने वाले लोग अपने जीवन में मोटापे के शिकार अधिक होते हैं।
  • शुक्र, चंद्र, बृहस्पति और राहु जिन लोगों की कुंडली में दूषित हो, या दूषित ग्रहों की दृष्टि इन पर हो और ये दूषित होकर लग्न स्थान में बैठे हों तो ऐसे व्यक्ति मोटापा से ग्रस्त होते हैं। ऐसे लोगों को मोटापा अपने माता-पिता से विरासत में मिलता है।
  • शुक्र, चंद्र, बृहस्पति और राहु की महादशा

    शुक्र, चंद्र, बृहस्पति और राहु की महादशा

    • शुक्र, चंद्र, बृहस्पति और राहु की महादशा, अंतर्दशा के दौरान भी व्यक्ति को मोटापा घेरने लगता है।
    • अंक ज्योतिष के अनुसार जो लोग 3 (3, 12, 21, 30), 6 (6, 15, 24) और 4 (4, 13, 22) तारीखों में जन्म लेते हैं उनके भी मोटापा से पीड़ित होने की बहुत आशंका रहती है।
    • जिन लोगों की जन्मकुंडली में सूर्य और मंगल उग्र और मजबूत होते हैं वे चाहे जैसा भी भोजन करें, कुछ भी खाएं लेकिन कभी मोटापे का शिकार नहीं होते।
    • जन्मकुंडली

      जन्मकुंडली

      • जन्मकुंडली में द्वितीय भाव से व्यक्ति की खान पान की आदतें पता की जाती हैं। इस स्थान का कारक ग्रह चंद्र होता है। यदि इस भाव पर शनि या राहु की दृष्टि है तो व्यक्ति जंक फूड और तली हुई चीजें खाने का शौकीन होता है। इसके कारण वह मोटापे का शिकार हो जाता है।
      • जन्मकुंडली में बृहस्पति और शुक्र की प्रधानता वाले व्यक्ति मीठा खाने के शौकीन होते हैं, जो मोटापे का कारण है।
      • इन ज्योतिषीय उपायों से दूर हो सकता है मोटापा

        इन ज्योतिषीय उपायों से दूर हो सकता है मोटापा

        • मोटापे के शिकार लोगों को ब्यू एपेटाइट क्रिस्टल धारण करने की सलाह दी जाती है। यह क्रिस्टल धारण करने से व्यक्ति की अनियंत्रित खाने की आदत पर लगाम लगता है। यदि व्यक्ति अधिक मीठा खाता है तो यह स्टोन धारण करने से उसकी मीठा खाने की आदत कम हो जाती है।
        • मोटापे के शिकार लोगों को मंगल की प्रधानता वाले कार्य अपनी आदत में शुमार करने जरूरत होती है। मंगल तेज गति, दौड़भाग, शारीरिक परिश्रम और गर्म चीजों की प्रधानता वाला ग्रह है। इसलिए एक्सरसाइज करना, साइकलिंग करना, वॉकिंग करना, गर्म पानी पीना मोटापे का इलाज है।
        • मोटापे से बचने के लिए लाल किताब में भी कुछ टोटके बताए गए हैं। लाल रंग के कपड़े की छोटी सी थैली में सौंफ और शकर मिलाकर अपने तकिए के नीचे रखकर सोने से मोटापा कम होता है।
        • प्रत्येक मंगलवार को लाल रंग के कपड़े पहनने और मस्तक पर लाल कुमकुम का तिलक करने से मोटापा बढ़ता नहीं है।

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English summary
When a person consumes more calories than required by the body, the body retains it in the form of fat. The body constitution makes a big difference in making a person fat.
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