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रूप-सौंदर्य और चमकदार त्वचा के लिए करें चंद्र कायाकल्प प्रयोग

By Pt. Gajendra Sharma
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नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सूर्य और चंद्र को प्रत्यक्ष देव कहा गया है। ये दोनों ग्रह भी हैं। सूर्य को जहां आत्मा, पिता, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा आदि का प्रतिनिधि ग्रह कहा गया है, वहीं चंद्र मन, माता और मानसिक सुख-शांति का ग्रह है। चंद्र का संबंध रूप-सौंदर्य से भी है। यह जल तत्व का प्रतीक है जो मनुष्य के शरीर में मौजूद 70 प्रतिशत पानी पर भी अधिकार रखता है। इसलिए जिस प्रकार जल के अभाव में हरी-भरी प्रकृति सूख जाती है, उसी प्रकार हमारे शरीर में पानी की कमी होने से अनेक प्रकार के रोग पनपने लगते हैं और शरीर अपनी कांति-आभा खो देता है। त्वचा रूखी-सूखी हो जाती है, चेहरा मुर्झा जाता है और व्यक्ति में आकर्षण नहीं रह जाता है।

रूप-सौंदर्य और चमकदार त्वचा के लिए करें चंद्र कायाकल्प प्रयोग

जिस जातक की जन्मकुंडली में चंद्र खराब होता है उसे अनेक प्रकार के त्वचा रोग परेशान करते हैं। चेहरा कांति खो देता है। यदि आपके साथ भी ऐसा कुछ है तो आपको चंद्र कायाकल्प प्रयोग करना चाहिए। शास्त्रों में चंद्र कायाकल्प प्रयोग का वर्णन मिलता है, जिसे करके आप स्वयं को आकर्षक बना सकते हैं। इस प्रयोग से चंद्र शुभ होता है और उससे जुड़े लाभ मिलते हैं।

कैसे करें चंद्र कायाकल्प प्रयोग

सामग्री : स्वयं के पहनने के लिए सफेद वस्त्र, बिछाने के लिए सफेद वस्त्र, सफेद हकीक की माला, या रूद्राक्ष की माला, या असली मोती की माला, चांदी का लोटा जिसमें सवा लीटर पानी आ जाए, चंद्र का चित्र या चंद्र यंत्र।

यह प्रयोग पूर्णिमा के दिन किया जाता है

यह प्रयोग पूर्णिमा के दिन किया जाता है या शुक्ल पक्ष के सोमवार के दिन भी किया जा सकता है। इसके लिए अभीष्ट दिन प्रात:काल स्नानादि से निवृत्त होकर शुद्ध सफेद वस्त्र पहनें। अपने घर के पूजा स्थान को साफ-स्वच्छ करके सफेद रंग का आसन बिछाएं और उत्तराभिमुख होकर बैठें। अपने सामने एक चौकी पर सफेद वस्त्र बिछाकर उस पर चंद्रदेव का चित्र स्थापित करें। चंद्र यंत्र भी स्थापित कर सकते हैं। अपने सामने चांदी के पात्र में जल भरकर रखें। अब सबसे पहले अपने गुरुजनों, माता-पिता और ईष्टदेव को प्रणाम कर, उनकी आज्ञा लेकर प्रयोग सफल होने का आशीर्वाद प्राप्त करें। इसके बाद अपने नाम, गोत्र, तिथि, वार आदि का उच्चारण करते हुए चंद्र कायाकल्प प्रयोग का संकल्प लें। अब दाएं हाथ में माला लेकर चंद्र देव के मंत्र का जाप करना है और संपूर्ण मंत्र जाप के दौरान अपना बायां हाथ जल भरे हुए पात्र में रखना है। इससे आपके मंत्र जाप से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा का प्रवाह पात्र में भरे हुए जल में जाएगा। आपके 21 माला जाप करना है।

मंत्र : ऊं सों सोमाय नम:

21 माला पूर्ण होने के बाद इस जल को किसी कांच की बोतल में भरकर रख लें। इस पानी को प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा पीते रहें और कुछ बूंदें नहाने के पानी में भी डालें। इस प्रयोग का प्रभाव दो से तीन सप्ताह के बाद दिखाई देने लगता है। यदि प्रत्येक पूर्णिमा पर यह प्रयोग कर रहे हैं तो तीन माह बाद आपका कायाकल्प होने लगेगा।

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English summary
Here is some astro tips for the The Lunar Phases And Moon Rituals For Beauty and Glowing Skin.
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