जन्माष्टमी पर राशि के अनुसार करें भगवान श्रीकृष्ण का पूजन

भगवान श्री कृष्ण एक अद्भुत कलाकार थे। 16 कलाओं में माहिर श्री कृष्ण ने अपने बौद्धिक बल पर दुनिया के महानतम ग्रन्थ गीता को अपने उपदेशों से रचित किया। श्री कृष्ण के दो रूप थे भौतिक और अध्यात्मिक। भौतिक रूप में उल्लास का उत्सव मनाया जाता है, जिसमें नाच, गाना गोपियो संग रास लीला मनाना आदि। कृष्ण का दूसरा पक्ष अध्यात्मिक है, जो उच्च श्रेणी का है। श्री कृष्ण ने अपने योग के दम पर विभिन्न प्रकार की कलाओं में महारत हासिल की थी।

ऐसा पुराणों में वर्णित है कि जो भी व्यक्ति जन्माष्टमी का व्रत करके पूजन-पाठ करता है, वह विष्णुलोक को प्राप्त करता है। परन्तु मेरे मतानुसार यदि किसी बालक का जन्म होता है तो सभी लोग उस दिन अनेक प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाकर उत्सव मनाते है, तो फिर भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय हमें उपवास करने की आवश्यकता क्यों है? क्या हम लोग दुःखी है? आज के दिन मिष्ठान-व्यजंनों का भोग लगाकर लोंगो में वितरण करें तथा स्वंय भी सेंवन करें। तभी हम प्रसन्नता के भाव प्रकट कर पायेंगे।

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को रात्रि 12 बजे मथुरा नगरी के कारागार में वासुदेव जी की पत्नी देवकी के गर्भ से 16 कलाओं से सम्पन्न भगवान श्री कृष्ण का अवतरण हुआ था।

कष्ट दूर करने के लिये कैसे करें पूजन

पूर्वविद्धाष्टमी या तु उदये नवमीदिने।
मुहूर्तमपि संयुक्ता सम्पूर्णा साष्टमी भवेत।।

कलाकाष्ठामुहूर्तापि पदा कृष्णाष्टमी तिथि।
नवम्यां सैव ग्राहण स्यात सप्तमीसंयुता नहि।।

साधारणतया आजकल लोग, इस व्रत में दो मत है। स्र्मात लोग अर्धरात्रि का स्पर्श होने पर या रोहिणी नक्षत्र का योग होने पर सप्तमी सहित अष्टमी में भी उपवास करते है। किन्तु वैष्णव लोग सप्तमी का लेशमात्र भी स्पर्श होने पर दूसरे दिन ही उपवास करते हैं। आइये स्लाइडर में देखते हैं कि राश‍िके अनुसार आप कैसे भगवान का पूजन करें।

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आगे की स्लाइड्स में आप राश‍ि के अनुसर भगवान श्रीकृष्ण का पूजन की विध‍ि पढ़ सकते हैं।

मेष

मेष

इस दिन गाय को मीठी वस्तुयें खिलाकर श्री कृष्ण जी का पूजन करें।
ऊँ कमलनाथाय नमः का जाप करें।

वृष

वृष

इस राशि वाले लोग दूध व दही से श्री कृष्ण जी का भोग लगायें।
ऊँ वासुदेवाय नमः का जाप करें।

मिथुन

मिथुन

आज के दिन गाय को हरी घास या पालक खिलायें एंव मिश्री का भोग लगाकर श्री कृष्ण जी का पूजन करें।
ऊँ गोविन्दाय नमः का जाप करें।

कर्क

कर्क

जन्म अष्टमी के दिन आॅटे में मिश्री मिलाकर श्री कृष्ण जी का भोग लगाकर प्रसाद का वितरण करें।
ऊँ हिरण्यगर्भाय अव्यक्तरूपिणे नमः का जाप करें।

सिंह

सिंह

आज के दिन श्री कृष्ण जी को मीठे चावलों का भोग लगाकर पूजन करें।
ऊँ क्लीं जगधराये नमः का जाप करें।

कन्या

कन्या

इस राशि वाले लोग केसर मिश्रित दूध का भोग लगाकर श्री कृष्ण जी का पूजन करें एंव गाय को रोटी खिलायें।
ऊँ पीतम्बराय नमः का जाप करें।

तुला

तुला

जन्म अष्टमी के दिन गाय को पके चावल खिलायें तथा श्री कृष्ण जी को फलों का भोग लगाकर पूजन करें।
ऊँ श्रीं उपेन्द्राय अच्युत्ताय नमः का जाप करें।

वृश्चिक

वृश्चिक

इस राशि वाले लोग आटे में पनीर भरकर गाय को खिलायें एंव केसरिया चावलों का श्री कृष्ण जी का भोग लगायें।
ऊँ श्रीं वत्सले नमः का जाप करें।

धनु

धनु

आज के दिन मीठे हलवे से श्री कृष्ण जी का भोग लगाकर पूजन करें।
ऊँ श्रीं देवकृष्णाय नमः उध्र्वदन्ताय नमः का जाप करें।

 मकर

मकर

चने की दाल में काली मिर्च मिलाकर श्री कृष्ण जी का भोग लगाकर पूजन व अर्चन करें।
ऊँ नारायण सुरसिंधे नमः का जाप करें।

कुम्भ

कुम्भ

आज के दिन गायों को जौं आटा खिलायें एंव श्री कृष्ण जी को हलवा पूड़ी का भोग लगाकर पूजन करें।
ऊँ लीला धाराय नमः का जाप करें।

मीन

मीन

इस दिन छोटे-2 बच्चों को बांसुरी उपहार में दे तथा श्री कृष्ण जी को पीले वस्त्रों सजाकर लडडुओं का भोग लगाकर पूजन व अर्चन करें।
ऊँ देवकी-नंदनाय नमः का जाप करें।

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