नागपंचमी पर शिव जी का करें अभिषेक और पायें कालसर्प दोष से मुक्ति
जिन जातकों की जन्मपत्रिका में कालसर्प योग प्रतीत हो रहा है। वह अपनी राशि के अनुसार विभिन्न प्रकार से शिवजी का अभिषेक करके कालसर्प दोष से मुक्ति पा सकते है।
स्वंय जाने अपनी जन्मपत्रिका में कालसर्प योगः
कालसर्प योग का शब्दिक अर्थ है, काल$सर्प, काल का अर्थ होता है समय एंव सर्प का शब्दिक अर्थ विष यानी समय की पीड़ा अर्थात जिस प्रकार विष का पान करने पर शरीर में बैचनी, पीड़ा, कष्ट और परेशानियां झेलनी पड़ती। उसी प्रकार से जिस जातक की जन्मकुण्डली में कालसर्प योग होता है वह विभिन्न प्रकार की समस्याओं से घिरा रहता है।
राहु एंव केतु छाया ग्रह है जो सदैव एक दूसरे से सप्तम भाव में होते है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य से लेकर शनि तक सभी ग्रह जब राहु एंव केतु के मध्य में आ जाते है तो बनता कालसर्प योग।
मेष- यदि इस राशि के जातक कालसर्प योग से पीडि़त है तो मागपंचमी के दिन दूध में शहद मिलाकर शिव जी का अभिषेक करें।
वृष- इस राशि वाले जातक दूध में गंगाजल मिलाकर भोले नाथ का अभिषेक करें।
मिथुन- इन जातकों को दूध में बेलपत्र मिलाकर शिवजी का अभिषेक करना चाहिये।
कर्क- यह जातक दूध में मिश्री व मेवा मिलाकर शिव जी का अभिषेक करें।
सिंह- इस राशि वाले जातक दूध में बादाम मिलाकर शिव जी का अभिषेक करें।
कन्या- ऐसों जातकों को दूध में तुलसी की पत्तियाॅ मिलाकर शिव जी का अभिषेक करना चाहिए।
तुला- इस राशि वालें जातक दूध में दही मिलाकर शिव जी का अभिषेक करें।
वृश्चिक- इन जातकों को दूध में छुआरे मिलाकर शिव जी का अभिषेक करना चाहिए।
धनु- इस राशि वाले जातक दूध में हल्दी मिलाकर शिव जी का अभिषेक करें।
मकर-इस राशि वाले जातक दूध में गुलाब जल मिलाकर शिव जी का अभिषेक करें।
कुम्भ- इन जातकों को दूध में कोयला मिलाकर शिव जी का अभिषेक करना चाहिए।
मीन- यह जातक दूध में केसर मिलाकर शिव जी का अभिषेक करें।













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